आरंग। देवनारायण अग्रवाल शा. औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था आरंग में ( आईटीआई)में अहिल्या देवी होलकर जी की त्रिशताब्दी जयंती समारोह मनाया गया।
जिसमें मुख्य वक्ता नारायण नामदेव सह प्रांत प्रचारक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने बताया कि अहिल्यादेवी होल्कर महेश्वर (इंदौर रियासत) की राजमाता थी और उन्होंने अपने साम्राज्य में शिक्षा पर विशेष कार्य किया,महिला कानून बनाया,महेश्वर साड़ी उद्योग की स्थापना की व पितृ सत्ता कानून को तुड़वाया |

मानवता हेतु जीवन समर्पित कर दिया राजमाता से लोकमाता बनी बताया कि अहिल्या देवी होलकर जी गरीब परिवार भेड़ पालक गडरिये की पुत्री थी उनके न्याय करने की पराकाष्ठा यहां तक थी कि उनके पुत्र के रथ के नीचे आकर एक बछड़े की मृत्यु हो गई थी राजमाता ने अपने पुत्र को भी रथ के पहिए से कुचलने का दंड दिया था ।उनके राज्य में बहुत ही उदार कर नीति थी उन्होंने काशी से कोलकाता तक सड़क बनवाया 12 ज्योतिर्लिंगों सहित लगभग 300 मंदिरों का जीर्णोद्धार कराया अपनी प्रशंसा में लिखे गए ग्रंथ को नर्मदा जी में डलवा दिया अथाह दुखों का पहाड़ उनके जीवन में आता रहा फिर भी जीवन पर्यंत उन्होंने मानवता व परोपकार के लिए कार्य किया हम सभी को उनकी जीवनी अवश्य पढ़नी चाहिए अंत में उन्होंने कहा कि हम सभी को वैदिक सनातन तिथि के अनुसार ही अपना जन्म दिवस मनाना चाहिए।इस व्याख्यान का आयोजन श्रीसुदर्शन जन सेवा समिति आरंग के तत्वाधान में किया गया।
संकलनकर्ता – रोशन चंद्राकर
Author: Deepak Mittal









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