
रायपुर: इस वर्ष छत्तीसगढ़ में अच्छी वर्षा के कारण सभी जलाशय लबालब भरे हुए हैं, जिससे राज्य के अधिकांश किसान ग्रीष्मकालीन धान की फसल लगाने के लिए उत्सुक हैं। हालांकि, कुछ किसान रबी फसल के पक्ष में हैं और चाहते हैं कि ग्रीष्मकालीन धान की फसल के लिए पानी की आपूर्ति को नियंत्रित किया जाए।
किसान नेताओं पारसनाथ साहू, गोविन्द चन्द्राकर, गजेन्द्र सिंह कोसले और श्रवण चन्द्राकर ने राज्य सरकार से अपील की है कि इस संबंध में शीघ्र निर्णय लिया जाए। उनका कहना है कि समय पर निर्णय लेकर घोषणा की जाए ताकि किसानों को रबी फसल की तैयारी करने में कोई बाधा न हो।
किसान नेताओं ने सुझाव दिया है कि जहां पानी की आवश्यकता नहीं है, वहां जल आपूर्ति का सर्वेक्षण कर 15 अक्टूबर तक नहरों से पानी की सप्लाई बंद कर दी जाए। इससे कटे हुए धान की परिवहन व्यवस्था में आसानी होगी और किसानों को लाभ होगा।
राज्य के किसान ग्रीष्मकालीन धान की खेती और रबी फसल के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए शासन से शीघ्र निर्णय की प्रतीक्षा कर रहे हैं। किसानों की मांग है कि सरकार उचित निर्णय लेकर सभी की भलाई का ध्यान रखते हुए जल्द से जल्द घोषणा करे।
Author: Deepak Mittal









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