Shardiya Navratri 2024: हिंदू धर्म में नवरात्रि का त्योहार एक विशेष आध्यात्मिक महत्व रखता है. इस पवित्र अवधि के दौरान, भक्त मां दुर्गा के नौ रूपों की आराधना करते हैं. नवरात्रि की अष्टमी तिथि को मां महागौरी की पूजा का विशेष महत्व है. मान्यता है कि उनकी आराधना करने से भक्तों के सभी बिगड़े काम सुधर जाते हैं और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से भी छुटकारा मिलता है. वैदिक पंचांग के अनुसार, मां महागौरी की पूजा के लिए शुभ मुहूर्त सुबह 11:45 से 12:30 बजे तक रहेगा. इस समय के बीच पूजा करने से विशेष फल प्राप्त होते हैं.
मां महागौरी की पूजा के लिए सबसे पहले सुबह स्नान करें और सफेद वस्त्र धारण करें. पूजा स्थल को अच्छे से साफ करें और मां महागौरी की मूर्ति या तस्वीर को गंगाजल से शुद्ध करें. सफेद रंग के पुष्प अर्पित करें, क्योंकि यह मां का प्रिय रंग है. फिर, मां को रोली और कुमकुम से तिलक करें. अष्टमी के दिन काले चने का भोग अर्पित करें और साथ में मिष्ठान, पंच मेवा और फल भी चढ़ाएं. कन्या पूजन भी इस दिन विशेष फलदायी माना जाता है. अंत में, आरती और मंत्रों का जाप करें.
प्रिय भोग और पुष्प
मां महागौरी को मोगरे के फूल बेहद प्रिय हैं. इस दिन, इन फूलों को मां के चरणों में अर्पित करें. इसके साथ ही नारियल की बर्फी और लड्डू भी भोग के रूप में चढ़ाना न भूलें, क्योंकि नारियल मां का प्रिय भोग माना जाता है.
पूजा का महत्व
मां महागौरी की पूजा से भक्त की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं. इससे व्यक्ति के सभी रोग दूर होते हैं और दांपत्य जीवन, व्यापार, धन, और सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है. इसके अलावा, विवाह में आ रही बाधाओं को दूर करने में भी मां महागौरी की पूजा का विशेष महत्व है.
Author: Deepak Mittal









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