
भीड़ से भक्ति का कोई सरोकार नहीं है, आज देशभर में सभी धार्मिक स्थानों को लेकर अगर बात की जाए तो जितनी तेजी के साथ भीड़ बढ़ रही है वास्तविक रूप में उसी गति के साथ भक्ति घटती जा रही है। लेकिन हमें भीड़ का हिस्सा बनने की बजाए अपनी अंतरात्मा में परमात्मा के प्रति पवित्र भक्ति का अलख जगाना बेहद जरूरी है।
भागवत कथा के दूसरे दिन मंगलवार को धर्म के मामले में चिंतित होते हुए कथा पंडाल में उपस्थित लाखों श्रद्धालुओं के मन में भक्ति का अलख जगाते हुए मालव माटी के संत पंडित कमल किशोर नागर ने यह धर्मार्थ उपदेश दिए।
सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा के चलते हाटकेश्वर गो तीर्थ धाम सेमली की पावन धरा इन दिनों लाखों श्रद्धालुओं की अपार श्रद्धा से सराबोर हो रही है। प्रदेश के अलावा अन्य कई प्रदेशों से भी भारी संख्या में श्रद्धालु जन यहां पहुंच गुरुदेव की धर्म वाणी श्रवण कर धर्म लाभ ले रहे हैं।
भागवत कथा के दूसरे दिन पंडित नागर ने वर्तमान की स्थिति पर चिंतन करते हुए कथा पंडाल में उपस्थित श्रद्धालु जनों को धर्म उपदेश देते हुए कहा कि धार्मिक स्थानों पर भीड़ के साथ आसक्ति बढ़ रही है और भक्ति तेजी के साथ कम होती जा रही है।
लेकिन मनुष्य को भीड़ के बहाव में बहने की बजाए अपने मन में भक्ति की गति को बढ़ाना जरूरी है। साथ ही उन्होंने कहा कि भीड़ मत बनो, भगत बनो और भगत बनने के लिए सच्चे मन से परमात्मा का भजन करना ही पड़ेगा।जैसे-जैसे हमारे द्वारा किए जा रहे भजन की गति बढ़ती जाएगी वैसे वैसे ही हमारी भक्ति भी बढ़ती जाएगी।
Author: Deepak Mittal










Total Users : 8168866
Total views : 8196662