सरपंच की लापरवाही से ग्रामीण हो रहे हलकान ना सड़क है ना सही से बना मुक्तिधाम..

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Deepak Mittal

बालोद :  गुंडरदेही ग्राम कांदूल मुक्तिधाम में ग्रामीण एवं सरपंचों की लापरवाही सामने आ रही है यहां पर लोगों को बैठने के लिए किसी प्रकार की व्यवस्था नहीं की गई है ग्रामीणों की कहना है कि यहां पर बैठने की व्यवस्था किया जाए सभी जगह सभी मुक्तिधाम में शासन प्रशासन एवं ग्रामीणों द्वारा व्यवस्थित किया गया है लेकिन आज ग्राम कांदुल में पंचायत एवं ग्रामीणों के द्वारा 5 साल के कार्यकाल में मुक्तिधाम के लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई है । ऐसे में ग्रामीणों की स्थिति क्या रहेगा आप इस बात का अंदाजा खुद ही लगा सकते हैं।


ग्रामीणों द्वारा की सभी जगह प्रशासन द्वारा मुक्तिधाम के लिए एवं स्वयं की राशि कहीं से उपलब्ध कर व्यवस्थित किया जाता है लेकिन अभी तक कई सालों से दिखा जा रहा है की ग्राम कांदुल में अभी तक बैठने की व्यवस्था नही है ना तो आने जाने की रास्ता है पता चलता है कि इसी रास्ता में हाट बाजार भी है।

और ग्रामीण का कहना है कि हाट बाजार जाने के लिए भारी समस्या के सामना करना पड़ता है क्योंकि आने जाने के रास्ता इतना कीचड़ से भरा हुआ है की कभी भी दुर्घटना ग्रस्त हो सकता है क्योंकि कई लोग बाइक से आते हैं जाते हैं और कई लोग पैदल जाने वाले महिला एवं बच्चे लोग भी मार्केट आते हैं जब गाड़ी वाले चलते हैं तो कीचड़ से कहां चले जाएंगे ऐसी स्थिति बना हुआ है ऐसी स्थिति को देखते ग्रामीण अध्यक्ष खामोश बैठे हुए हैं।

और ना तो सरपंच ध्यान दे रहा है और ना तो ग्रामीण ऐसी स्थिति में लोग जूझ रहे हैं आज देखये स्थिति क्या है कांदुल की स्वच्छता अभियान के अंतर्गत भी गौठन के अंदर इतना कीचड़ से भरा हुआ है और गौठन के आसपास भी कीचड़ से लोग परेशान हैं ग्रामीणों का कहना है की कई बार शिकायत करने के बावजूद भी अभी तक के कोई पहल नहीं किया गया है ऐसे में स्वच्छ ग्रामीण कैसे बना पाएंगे बताया जाता है।

कि ग्रामीण मुक्तिधाम के पास एक भवन बनाने की मांग किया जा रहा है लेकिन अभी तक के ना तो ग्रामीण कर रहा है ना तो पंचायत ऐसे में ग्रामीण कहां जाए जिसका समस्या पूरा करने के लिए ग्रामीण सोच में पड़ा हुआ है कि यह समस्या कब हाल होगा और ग्रामीण का कहना है कि ग्रामीणों में कई जगह भवनो  का निर्माण किया जाता है।

पंचायत द्वारा चाहे सामाजिक का हो या व्यक्तिगत हो लेकिन ऐसे मुक्तिधाम की जगह में बारिश या गर्मी में पब्लिक बाहर बैठे रहते हैं कई जगहो से मेहमान लोग आते हैं उन लोग भी प्रश्न करते हैं लेकिन ग्रामीण लोग क्या बोल सकते हैं उसको ऐसी स्थिति को देखते हुए पंचायत एवं ग्रामीणों को सोचना चाहिए ऐसे कार्य को कार्य को दुखद स्थिति को देखते हुए तत्काल भवनों की मांग किया जाए ऐसे ग्रामीणों का कहना है।

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Author: Deepak Mittal

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