युद्धस्तर पर जारी राहत कार्यों के बीच मानवता हुई शर्मसार..

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Deepak Mittal

दंतेवाड़ा – बैलाडीला क्षेत्र में लगातार 4 दिनों से हो रही तेज़ बारिश ने रविवार को उस वक़्त भयानक रूप ले लिया जब एनएमडीसी लौह अयस्क की खदान क्रमांक 11बी के चेक डेम नंबर 6 के ऊपर से पानी बहने लगा और देखते ही देखते  पानी का सैलाब लौह चूर्ण के साथ पहाड़ियों के रास्ते पहाड़ी नालों के रास्ते नगर में घुस गया ।

थोड़ी देर में चारो तरफ तबाही का मंजर देखने को मिला किरंदुल बंगाली कैम्प के 3 नंबर वार्ड 4 नंबर वार्ड 6 नंबर वार्ड में लौह चूर्ण के साथ पहाड़ी नाले का पानी घरों में घुस गया । घर का सामान छोड़  जान बचा कर लोग भागे । लाल पानी का सैलाब इतना भयानक था कि उसके जद में जो कुछ भी आया उसको बहा कर ले गया ।

तीन गाये बहती हुई जा रही थी उसको बचाया गया वही 2 बच्चे भी पानी में बह गए जिनको बचा कर अस्पताल पहुचाया गया। पानी का बहाव इतना तेज था कि उसके बहाव में मोटरसाइकिल, कार यहां तक कि बड़ी ट्रक भी बह गई।लोगो के पास कुछ भी नही बचा महिलाओं ने रो रो कर बताया कि हमारे पास पहनने के लिए कपड़े तक नही बचे घर के अंदर कमर तक कीचड़ भर गया है घर का पूरा समान खराब हो गया है।


उल्लेखनीय हैं कि किरंदुल बंगाली कैम्प से एक किलोमीटर की दूरी में लौह अयस्क खदान के नीचे एनएमडीसी ने 1987 में 6 नम्बर चैकडैम का निर्माण किया था ताकि बरसात के दौरान लोह अयस्क की खदानों से जो लोह चूर्ण पहाडी के झरने के साथ बह कर नीचे आये उसे डैम में रोक लिया जाए ।जिसके लिए डैम की ऊंचाई 6 मीटर और चौड़ाई 40 मीटर रखी गई है ।डैम की कैपिसिटी 6 हजार क्यूबिक मीटर है

।जिसको एनएमडीसी हर वर्ष अपने ठेकेदारों से साफ करवाती थी ।लेकिन पिछले 2 वर्षों से नगरपालिका किरंदुल और एनएमडीसी के बीच आपसी विवाद के कारण 6 नम्बर चैकडैम की सफाई नहीं कि गई ।जिस कारण डैम ओवरफ्लो हुआ और जिसका नतीजा जनता को सहना पड़ा

।उल्लेखनीय हैं कि घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन मुस्तेदी से राहत एवं बचाव कार्य मे दिन रात एक किये हुए हैं ।आपदा पीड़ित परिवारों के घरों से मलवा निकाला जा रहा है ।

जिन लोगों के घर कच्चे है उनको तत्काल दूसरे जगह शिफ्ट किया जा रहा है ।जिला प्रशासन के दिशा निर्देश पर मशीनों के माध्यम से सड़क पर जमा हुए मलवे को हटाकर सड़क को खाली करने का कार्य भी युद्धस्तर पर जारी है ।पर इस ही बीच एक तस्वीर ऐसी भी सामने आई हैं जो मानवता को शर्मसार कर रही है ।

सोमवार को आपदा पीड़ित परिवारों को नगर पालिका की कचरे ढोने वाली या कहे मुनादी करवाने वाली गाड़ी में नगर पालिका के कर्मचारियों ने इडली दोसे का वितरण किया ।सवाल यह उठता हैं की राज्य की सबसे अमीर नगरपालिका में शुमार किरंदुल नगरपालिका के पास अपने नगरीय क्षेत्र के आपदा पीड़ित लोगों को भोजन देने के लिए कोई और वाहन उपलब्ध नहीं हो पाई ।

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Author: Deepak Mittal

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