एनएमडीसी और नगरपालिका की तकरार व आफत की बारिश के कारण एनएमडीसी खदान का बहा चैकडेम…

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Deepak Mittal

दंतेवाड़ा — बैलाडीला क्षेत्र में लगातार 3 दिनों से हो रही तेज़ बारिश ने उस वक़्त भयानक रूप ले लिया जब एनएमडीसी लौह अयस्क की खदान क्रमांक 11बी के चेक डेम नंबर 6 के ऊपर से पानी बहने लगा और देखते ही देखते  पानी का सैलाब लौह चूर्ण के साथ पहाड़ियों के रास्ते पहाड़ी नालों के रास्ते नगर में घुस गया ।

थोड़ी देर में चारो तरफ तबाही का मंजर देखने को मिला किरंदुल बंगाली कैम्प के 3 नंबर वार्ड 4 नंबर वार्ड 6 नंबर वार्ड में लौह चूर्ण के साथ पहाड़ी नाले का पानी घरों में घुस गया । घर का समान छोड़  जान बचा कर लोग भागे लाल पानी का सैलाब इतना भयानक था कि उसके जद में जो कुछ भी आया उसको बहा कर ले गया ।

3 गाय बहती हुई जा रही थी उसको बचाया गया वही 2 बच्चे भी पानी में बह गए जिनको बचा कर अस्पताल पहुचाया गया। पानी का बहाव इतना तेज था कि उसके बहाव में मोटरसाइकिल, कार यहां तक कि बड़ी ट्रक भी बह गई।लोगो के पास कुछ भी नही बचा महिलाओं ने रो रो कर बताया कि हमारे पास पहनने के लिए कपड़े तक नही बचे घर के अंदर कमर तक कीचड़ भर गया है घर का पूरा समान खराब हो गया है।

एनएमडीसी ने 6 नंबर चेक डेम की नही करवाई सफाई जिसके कारण हुई इतनी बड़ी आपदा ।डैम की कैपिसिटी 10 हजार क्यूबिक मीटर है जिसकी सफाई हर वर्ष होनी है । परंतु एनएमडीसी और नगरपालिका के बीच आपसी तकरार के कारण दो सालों से नहीं हुई हैं सफाई )

किरंदुल बंगाली कैम्प से एक किलोमीटर की दूरी में लौह अयस्क खदान के नीचे एनएमडीसी ने 1989 में 6 नम्बर चैकडैम का निर्माण किया था ताकि बरसात के दौरान लोह अयस्क की खदानों से जो लोह चूर्ण पहाडी के झरने के साथ बह कर नीचे आये उसे डैम में रोक लिया जाए ।

जिसके लिए डैम की ऊंचाई 6 मीटर और चौड़ाई 40 मीटर रखी गई है ।डैम की कैपिसिटी 10 हजार क्यूबिक मीटर है ।जिसको एनएमडीसी हर वर्ष अपने ठेकेदारों से साफ करवाती थी ।

लेकिन पिछले 2 वर्षों से नगरपालिका किरंदुल और एनएमडीसी के बीच आपसी विवाद के कारण 6 नम्बर चैकडैम की सफाई नहीं कि गई ।जिस कारण डैम ओवरफ्लो हुआ और जिसका नतीजा जनता को सहना पड़ा ।

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Author: Deepak Mittal

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