कार्रवाई के नाम पर महज औपचारिकता…मानो भाटिया वाइन मर्चेंट प्रबंधन के सामने प्रशासन बौना साबित हो रहा है…!

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निर्मल अग्रवाल ब्यूरो प्रमुख मुंगेली नवभारत टाइम्स 24×7.in

मुंगेली- पथरिया अनुविभाग के सरगांव क्षेत्र के धुमा में स्थित भाटिया वाइन मर्चेंट जहाँ बड़े पैमाने पर शराब बनाने का कार्य किया जाता है वहां से निकलने वाला विषैला पानी जिसको प्रबंधन को नो वेस्ट करके फैक्ट्री क्षेत्र से बाहर नही निकलने देना है पर प्रबंधन ने लापरवाही करते हुए हुए बड़े पैमाने पर कैमिकल युक्त इस पानी को इस फैक्ट्री के किनारे से निकलने वाली शिवनाथ नदी में अवैधानिक तरीके से बहाया जा रहा है.

ग्रामीणों की शिकायत पर कुछ माह पूर्व पथरिया एसडीएम ने नोटिस जारी किया था जिसका जवाब नही दिया गया…लोकसभा चुनाव के वक्त यहां के दर्जनों गांव के ग्रामीणों ने चुनाव का बहिष्कार भी किया तब पथरिया एसडीएम न्यायलय में प्रबंधन के खिलाफ सीआरपीसी 132 (किसी के द्वारा आमजन को नुकसान पहुचने की स्थिति पर उसको उनके कृत्य पर रोकनायह कोई अपराध नही) के तहत प्रकरण दर्ज किया गया इस प्रकरण में महज औपचारिकता निभाई गई जिसपर प्रबंधन की ओर से अधिवक्ता एक बार बस उपस्थित हुए उसके बाद से यह प्रकरण तारीख पे तारीख के साथ लंबित है…!

कलेक्टर के संज्ञान का कितना होगा असर:

शिवनाथ नदी में बड़ी संख्या में मछलियों के मरने के मामले में मुंगेली कलेक्टर राहुल देव ने संज्ञान लिया है और उन्होंने इस मामले की जांच के लिए राज्य पर्यावरण संरक्षण विभाग को पत्र व्यवहार किया है जिसपर पर्यावरण संरक्षण विभाग अपने विशेषाधिकार पर कानूनी प्रावधानों के तहत जांच करेगी साथ ही एसडीएम पथरिया द्वारा सीआरपीसी 132 के तहत प्रकरण दर्ज कर जवाब मांगा गया है.

जैसे ही जवाब और पर्यावरण संरक्षण विभाग का प्रतिवेदन प्राप्त होगा उस आधार पर कार्रवाई की जाएगी..कलेक्टर राहुल देव ने सख्त लहजे से स्पष्ट कर दिया है कि किसी तरह का कोई भी पक्षपात नही किया जाएगा रिपोर्ट आधार पर कार्रवाई की जाएगी…!

मछली मारने पर प्रतिबंध पर लाखों मछली मार दिए गए जिम्मेदार कौन?

छत्तीसगढ़ सरकार ने वर्षा ऋतु में मछलियों की वंश वृद्धि (प्रजनन) को ध्यान में रखते हुए उन्हें संरक्षण देने के लिए राज्य में 16 जून से 15 अगस्त तक की अवधि को बंद ऋतु (क्लोज सीजन) के रूप में घोषित किया गया है इसलिए प्रदेश के सभी नदी-नालों तथा छोटी नदियों, सहायक नदियों में जिन पर सिंचाई के तालाब या जलाशय (बड़े या छोटे) जो निर्मित किए गए हैं.

में किए जा रहे केज कल्चर के अतिरिक्त सभी प्रकार का मत्स्याखेट 16 जून से 15 अगस्त तक पूर्णत: प्रतिबंध रहेगा..उक्त नियमों का उल्लंघन करने पर छत्तीसगढ़ राज्य मत्स्य क्षेत्र अधिनियम के अन्तर्गत अपराध सिद्ध होने पर एक वर्ष का कारावास अथवा 10 हजार रुपए का जुर्माना अथवा दोनों सजा एक साथ होने का प्रावधान है..शिवनाथ नदी में विभिन्न प्रजातियों के मछली जो इस वक्त मर गए है उसका जिम्मेदार कौन होगा और क्या इसपर कार्रवाई होगी…!

प्राथमिकी दर्ज करने विहिप ने थाने में की शिकायत,आंदोलन की चेतावनी..

इस पूरे मामले में विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने भाटिया वाइन मर्चेंट के संचालक के खिलाफ सरगांव थाने में शिकायत करते हुए एफआईआर दर्ज करने की मांग की है…विहिप ने अपने शिकायत में बताया है की भाटिया वाइन मर्चेंट प्रबंधन के द्वारा जहरीली पानी पवित्र शिवनाथ नदी में छोड़ने से जलीय जीव जंतु और गौवंश की हत्या की गई इसलिए भाटिया वाइन मर्चेंट के संचालक के ऊपर एफआईआर एक हफ्ते के भीतर नही होने पर विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल आंदोलन करेगी…!

पानी की कहानी-पानी सा बहेगा ,पानी का पैसा.….

भाटिया वाइन द्वारा छोड़े गए जहरीले पानी की कहानी आज लोगो की जुबानी पे है शराब और सील पैक पानी के बड़े निर्माता जो इनके निर्माण से करोड़ो अरबों का आय अर्जित करते है लोगो के बीच आम चर्चा है कि बड़ा खर्चा करके पानी का पैसा , पानी सा बहाने , पानी की कहानी दबाने में कोई कसर नही छोड़ेंगे। अब देखना ये है की क्या फिर से एक बड़ी मछली इन छोटी मछलियों को खाने में कामयाब हो पाएगी…?

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Author: Deepak Mittal

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