शिक्षा नही व्यवसाय ..प्राइवेट स्कूल की आय…

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शिक्षा नही व्यवसाय ..प्राइवेट स्कूल की आय…

 

निर्मल अग्रवाल ब्यूरो प्रमुख मुंगेली नवभारत टाइम्स 24×7.In 

 

मुंगेली – शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 में बच्चों के सर्वांगीण विकास की परिकल्पना की गई है जिसमे शिक्षा,खेल,शुद्ध पेयजल,शौचालय,अहाता,स्वच्छता और मनोरंजन को प्रमुखता दी गई है। पंरतु एफ. के.आर. पब्लिक स्कूल ककेडी इस शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 की मखौल उड़ा रही है ग्राम ककेडी,विकासखंड पथरिया में स्थित एफ. के.आर. पब्लिक स्कूल को मान्यता कैसे मिली यह आश्चर्य का विषय है क्योंकि इस स्कूल में न तो प्रशिक्षित शिक्षक है न तो बालक बालिकाओं के लिए पृथक शौचालय, मान्यता अनुसार 1/2 एकड़ खेल मैदान का अभाव,शाला में सुरक्षा हेतु अहाता नही,आदर्श पुस्तकालय का अभाव,शाला परिसर में गंदगी, निजी वाहन ने बच्चों को ठूस ठूस कर भरकर शाला ले जाना,स्वच्छ पेयजल समस्या से ग्रसित है आवेदक ने जब शाला जाकर मुआयना किया तो यह सब अव्यवस्था दिखी इसी कारण उसने 10 बिंदुओं पर कलेक्टर जनदर्शन मूँगेली में शिकायत किया है।आवेदन ने संवाददाता को बताया कि उक्त स्कूल केवल ग्रामीण जनता को पैसा एठने का कार्य कर रही है वे पालकों को सब्जबाग दिखाकर बच्चों को प्रवेश देकर मोटी कमाई कर रही है क्योंकि उससे ज्यादा संसाधन युक्त और योग्य शिक्षक तो निकटतम सभी सरकारी स्कूल में है अब यह देखना होगा कि कलेक्टर मूँगेली व जिला शिक्षा अधिकारी मूँगेली इस विषय पर निष्पक्ष जांच कर कार्यवाही करते है या जिस तरह इस स्कूल ने जिला शिक्षा अधिकारी मूँगेली से मान्यता ले ली थी उसी तरह लेनदेन करके बच जाएगा और बच्चों सहित पालकों को चुना लगाते रहेगा।

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Author: Deepak Mittal

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