शिक्षा विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार तथा अनियमितताओं की की गई शिकायत, स्वामी आत्मानन्द की पूरी संविदा भर्ती में नियमों का पालन नहीं :- अनूप दूबे
नव भारत टाइम्स 24 x 7 के ब्यूरो चीफ जे.के. मिश्रा की रिपोर्ट:
भारतीय जनता पार्टी के शक्ति केंद्र अध्यक्ष, पूर्व जिला संयोजक (एनजीओ प्रकोष्ठ) एवं वरिष्ठ कार्यकर्ता अनूप दूबे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और छत्तीसगढ़ लोक आयोग से जिला सूरजपुर के शिक्षा विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार और अनियमितताओं की शिकायत की है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्वामी आत्मानंद की संविदा भर्ती में नियमों का पालन नहीं हुआ है।
अनूप दूबे ने बताया कि 2021 से कांग्रेस सरकार ने आत्मानंद विद्यालयों के लिए स्कूलवार पृथक समितियां बनाई थीं, जो भर्ती, नियमन और संचालन का कार्य देखती हैं। लेकिन, सूरजपुर जिले की सेजेस समिति ने हर भर्ती, आर्थिक लेनदेन और सामग्री सप्लाई में प्राचार्य को अलग रखकर मनमानी की। सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों की अवहेलना करते हुए साक्षात्कार की वीडियोग्राफी भी नहीं कराई गई।
सूत्रों के अनुसार, संविदा भर्ती में अपनों को उपकृत किया गया और लाखों रुपये लेकर नियुक्ति आदेश बांटे गए। आत्मानंद विद्यालयों में घटिया स्तर की सामग्री की आपूर्ति की गई, जिसमें सेजेस समिति के पदाधिकारियों के रिश्तेदारों और करीबियों ने भाग लिया। चूंकि यह संस्था डीएमएफ फंड से भी संचालित होती है, इसलिए नियुक्ति, सप्लाई और सप्लाई एजेंसी की व्यापक जांच होनी चाहिए।
अनूप दूबे ने बताया कि कांग्रेस सरकार में (2018-2023) तक भ्रष्टाचार के लिए कुख्यात अधिकारी अब भी पदों पर बने हुए हैं और उनके खिलाफ कार्रवाई आवश्यक है। तत्कालीन कलेक्टर इफ्फत आरा के समय भी भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे, जिन पर केंद्रीय एजेंसियों की जांच की आवश्यकता है। शिक्षकों ने बताया कि शिक्षा विभाग के कार्यालयों में अवकाश स्वीकृति, कार्योत्तर आदेश, आदि में अनौपचारिक रेट चल रहा है, जो एक पवित्र शैक्षणिक जगत के लिए उचित नहीं है।
भाजपा नेता अनूप दूबे ने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और लोक आयोग से इन सभी मामलों की जांच राज्य की संवैधानिक एजेंसियों के साथ केंद्रीय एजेंसियों जैसे सीबीआई और ईडी से कराने की मांग की है।
Author: Deepak Mittal












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