राजिम. गरियाबंद जिले के 8 धान खरीदी केंद्रों में करोड़ों के करीब 36 सौ क्विंटल धान गायब होने के मामले में अब समिति प्रबंधकों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है और शॉर्टेज के लिए विपणन संघ को जिम्मेदार ठहराया है. वहीं सहायक आयुक्त ने भरपाई के लिए प्रबंधकों को नोटिस जारी किया है.
इस मामले में प्रबंधकों का कहना है कि सहकारी समितियां केवल खरीदी का माध्यम है, जो तय कमीशन पर धान खरीदी करती है. त्रिपक्षीय अनुबंध के मुताबिक धान का 72 घंटे के भीतर उठाव करवाना विपड़न संघ का काम है. समय पर डीओ जारी नहीं किया, शॉर्टेज के लिए विपणन संघ जिम्मेदार है. अब फिंगेश्वर के 8 समितियां अनुबंध और लापरवाही को आधार बनाकर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है, जो कोर्ट के आदेश के साथ नोटिस का जवाब देंगे.


Author: Deepak Mittal










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