गर्मी के मौसम में हरी सब्जियों की बढ़ी मांग,, सब्जियां हुई महंगी

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*दीपक मित्तल बालोद रायपुर छत्तीसगढ़*

 

दीपक मित्तल रायपुर, छत्तीसगढ़

दल्लीराजहरा,, गर्मी के मौसम में हरी सब्जियों की मांग तेजी से बढ़ने लगी है मांग बढ़ने की वजह से दर भी बढ़ रहे हैं सब्जियां महंगी होने लगी है ग्रहणियों के किचन में हरी सब्जी कम दिखाई दे रही है, दल्लीराजहरा में 

गर्मी के मौसम में ककड़ी,खीरा से लेकर हरी सब्जियां लोगों की पहली पसंद बन गयी हैं। किचन में इन सब्जियों की मांग बढऩे से कीचन की थालिया महंगी हो गई है,दल्लीराजहरा बाजार में इनके दाम भी बढऩे लगे हैं। ज्यादातर हरी सब्जियां 25 से 60 रुपये प्रति किलो की दर से बिक रही है। जिसमें भिंडी, परवल, बैगन, लौकी, टमाटर आदि हैं,, एकाएक सब्जियों की कीमतें बढऩे से किचन का बजट बिगडऩे लगा है। हरी सब्जियों की कीमत अचानक बढऩे से लोगों को अपनी पसंद की सब्जियोंं के लिए अधिक पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं। मध्यम वर्ग के परिवारों की थाली से कई सब्जियां गायब होने लगी है।

दल्लीराजहरा सब्जी मंडी में खरीदी करने पहुुंचे किशोर कुमार,राहुल ने बताया कि महीना भर पहले 200 रुपए में छोटे परिवार के लिए सप्ताह भर के लिए सब्जी खरीदता था लेकिन अब टमाटर ही 40 रुपए किलो बिक रहा है। बाजार में सब्जी की कीमत 25 रुपए से शुरु होकर 60 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गया है। गर्मी के मौसम में पानी की कमी होने के कारण सब्जियों की कीमत बढऩे का प्रमुख कारण है।

सब्जी व्यापारी संजय साहू ने बताया कि सब्जी की कीमत बढऩे से व्यापारी भी काफी परेशान है। शहर के सब्जी विक्रेता दल्लीराजहरा सब्जी मंडी से थोक के भाव में सब्जी लेकर आते हैं। गर्मी अधिक होने के कारण सब्जियां खराब हो जाती है। जिससे छोटे व्यापारियों को काफी नुकसान उठाना पड़ता है। वहीं सब्जी लेकर आने में जो खर्च होता है उसका वहन व्यापारियों को ही करना पड़ता है। गर्मी अधिक होने के कारण सब्जी की पैदावार में भी कमी आती है। जिससे बाजार में सब्जियां कम पहुंच रही है। इस वजह से सब्जी का रेट अभी बढ़ा हुआ है।

आसपास के गांवों से भी आती है सब्जियां,,

शहर से लगे ग्राम साल्हे, सिंगनवाही, कोकान, घोटिया,खललारी आदि स्थानों से सब्जियां दल्लीराजहरा सब्जी मंडी पहुंचती है। जहां से व्यापारी अपने-अपने साधनों से सब्जी लेकर आते हैं। थोक के भाव में सब्जी लेने से कई बार व्यापारियों को खराब सब्जी मिल जाती है। वहीं ट्रांसपोर्टिंग का अलग से खर्च लगता है। जिसके कारण भी सब्जियों की कीमत बढ़ रही है।

इन सब्जियों की बढ़ी कीमत

लौकी- 25 रुपए किलो

कुम्हड़ा-30रुपए किलो

बरबट्टी-30 रुपए किलो

करेला- 40 रुपए किलो

फूल गोभी- 45 रुपए किलो

हरा धनिया- 60 रुपए किलो

तरोई-40 रुपए किलो

परवर-50 से 55 रुपए किलो

टमाटर-45 से 50 रुपए किलो

प्याज-20 रुपए किलो

आलू-25 रुपए किलो

*(दीपक मित्तल नवभारत टाइम्स 24*7 in प्रधान संपादक रायपुर)*

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Author: Deepak Mittal

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