शोएब अख़्तर, नवभारत टाइम्स 24 x7in चिरमिरी महेंद्रगढ़ ब्यूरो चीफ

कंपनी के सह प्रबंध निदेशक बिलासपुर के निर्देशन पर पूरे एसईसीएल में हो रहे हैं श्रमिकों के क्वार्टरों की गहन जांच पड़ताल.!!!

एसईसीएल कंपनी के क्वार्टरों में हो रहे सर्वे से अवैध कब्जे धारी में हड़कंप.. 30 दिवस के अंदर सर्वे रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश.
कार्मिक,सुरक्षा विभाग के अधिकारी एवं ट्रेड यूनियन के पदाधिकारी की संयुक्त टीम कर रही है सर्वे.
शोएब अख़्तर, नवभारत टाइम्स 24 x7in चिरमिरी महेंद्रगढ़ ब्यूरो चीफ

एम सी बी…(चिरमिरी महेंद्रगढ़ ) एसईसीएल कोयला कंपनी के सह—प्रबंध निदेशक बिलासपुर के निर्देश पर पूरे चिरमिरी क्षेत्र के लगभग 10000 श्रमिकों के निवास के लिए बने आवासीय परिसर में एक सर्वे का कार्य प्रारंभ किया गया है कंपनी में कार्यरत लगभग 2500 ही कर्मचारी बचे है इस तरह से 7500 क्वाटर पर लोग अवैध तरीके से काबिज बताए जाते है…. जिस की वास्तविक पड़ताल के लिए कंपनी के ही सुरक्षा विभाग,क्रमिक विभाग,के अधिकारीयो कर्मचारीयो के साथ साथ पांचो ट्रेड यूनियनों के एक-एक सदस्यों की सामूहिक टीम बनाकर पूरे चिरमिरी एरिया में इन दिनों सर्वे कार्य प्रारंभ होने से कंपनी क्वार्टर में अवैध रूप से काबिज लोगों में काफी हड़कंप मचा हुआ है,पूरे क्षेत्र में किया जा रहे सर्वे में टीम के सभी सदस्य यह देख रहे है कि किन क्वार्टरो में कौन लोग निवास कर रहे हैं.?? और किस अधिकार से निवास कर रहे हैं.?? जिसकी रिपोर्ट 30 दिवस के अंदर कंपनी स्तर के अधिकारियों को प्रेषित की जानी है. वहीं स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने क्वार्टर में निवासरत लोगों को परेशान नहीं होने की बात कही है हम सब मिलकर इस समस्या का निवारण करेंगे ऐसा आश्वासन दिया जा रहा है..!!*


*ज्ञात हो कि पूरे चिरमिरी क्षेत्र में कोयला कंपनी के मुताबिक उनके आठ इकाईयां संचालित है कोरिया,नॉर्थ चिरमिरी कालरी, डोमनहिल, गोदरी पारा, कुरासिया, बरतूंगा, चिरमिरी, छोटी बाजार हल्दीबाड़ी वेस्ट चिरमिरी कालरी जीएम कांप्लेक्स आदि है जिनमें लगभग 10000 मजदूर काम करते थे समय बिता कोयले के रिज़र्व स्टॉक खत्म होते गए इसी क्रम में लोग रिटायर भी होते गए या स्थानांतरित भी हो गए लेकिन उनके द्वारा छोड़े गए क्वार्टर में आरोपित है कि अवैध रूप से सभी क्वार्टर अनाधिकृत लोग काबिज हैं,किन्ही क्वार्टरों में मुर्गी पाला जा रहा है तो कहीं पर देरी खोल कर लोग अपना जीवको पार्जन कर रहे हैं, तो कुछ छूटभईया अपने अगल-बगल का क्वार्टर भी बलात कब्जा में रखे हैं तो कुछ इसी कंपनी से जो कर्मचारी रिटायर हुए थे वे काबिज़ है ये कर्मचारी जब रिटायर हुए तो इनको कंपनी से मिलने वाले सभी भुगतान प्राप्ति के लिए क्वार्टर छोड़ना अनिवार्य होता है कुछ कर्मचारियों ने क्रमिक विभाग के अधिकारियों से मिली भगत कर उन्हें कुछ पैसा देकर एन.ओ.सी ले लिए है और आज भी उन्हें क्वार्टर में काबिज है,,यही नहीं पूरी कॉलेज में क्रमिक विभाग के अधिकारियों के द्वारा क्वार्टर बाकायदा पैसा लेकर बेचने का गोरख धंधा पिछले 10 सालों से बड़े पैमाने में चलता आया है,जिनके चर्चित दलाल हर क्षेत्र में पाए जाते हैं जिन दलालों ने लोगों ने पैसे लेकर क्वार्टर आवंटन कराया था उन्होंने इन कब्जे धारी को पूरी तरह से आश्वस्त किया था कि आप इस क्वार्टर में रहिए और अब यह क्वार्टर आपका है,इसके एवज में इन लोगों से हजारों से लेकर लाखों रुपए तक उगाही कर लिए गए हैं,, उस दौरान वसूली करने वाले अधिकारी या तो रिटायर हो गए हैं या फिर स्थानांतरित हो गए हैं अब नए नवेले अधिकारीयो की पदस्थापना के बाद कंपनी के आला अधिकारियों के आज के दिए गए निर्देश का पालन करने में लग गए हैं, जिसको लेकर स्थानीय नागरिक अपने आप को ठगा महसूस कर रहा है और भयभीत हो चला है दलाल सक्रिय हैं लोगो का आज भी सांत्वना दे रहे हैं कि कुछ नहीं होगा हम है ना,,आप सब परेशान मत होइए ऊपर से आदेश आया है फिर मामला पुराने तरीके से सेटल्ड हो जाएगा इनकी मीठी-मीठी बातों से ऐसा प्रतीत होता है की सभी कब्जा धारीयों से फिर बड़े पैमाने में उगाही ना की जाए या फिर यह पूरा सर्वे उगाही के उद्देश्य से तो नहीं चलाया जा रहा है..??*

*एसईसीएल के अधिकारियों के मुताबिक़ बिजली पानी और क्वाटर मेंटेनेंस का करोड़ों रुपया खर्चा प्रतिवर्ष आ रहा है बिजली में 5.6 करोड़ का खर्चा बिल आ रहा है वहीं 2 करोड़ रुपए प्रतिवर्ष लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को शुद्ध पेयजल के लिए किया जाता है विभिन्न योजनाओं के तहत क्वार्टर मेंटेनेंस के कार्य कराया जाता है जिसमे 15 से 20 करोड़ों रुपए खर्च किए जा रहे है वही कंपनी के विभिन्न खर्चे भी हो रहे हैं इस तरह से प्रतिवर्ष उत्पादित कोयले में 425.00 रुपए प्रतिदिन घटा बताया जा रहा है जो प्रतिवर्ष प्रतिवर्ष कई करोड़ों रुपए हो रहा है…..जिस कारण कंपनी बड़े घाटे में चल रही है ऊपर के अधिकारियों का बहुत दबाव आ रहा है खर्चे कम करना है इसके लिए इस तरह से सर्वे का कार्य चल रहा है रिपोर्ट समय पर प्रस्तुत कर दिया जाएगा अवैध क्वार्टर में काबिज लोगों के द्वारा मुफ्त में बिजली एवं पानी का इस्तेमाल किया जा रहा है जिसका पूरा खर्चा कंपनी को भुगतान करना पड़ रहा है जिस कारण कंपनी काफी चिंतित है कल मंत्रालय से भी खर्च कम करने के निर्देश आ रहे हैं इस कारण ऊपर से अवैध तरीके से रह रहे लोगों की जांच पड़ताल किए जाने के निर्देश मिले हैं रिपोर्ट समय पर प्रस्तुत कर दी जाएगी फिर जैसा निर्देश कंपनी स्टार के अधिकारियों से मिलेगा विधि सम्मत कार्यवाही की जाएगी.,000

शोएब अख़्तर, नवभारत टाइम्स 24 x7in चिरमिरी महेंद्रगढ़ ब्यूरो चीफ





Author: Deepak Mittal










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