डॉ.अशोक आकाश
सुर की देवी शारदे, माँ विद्या भंडार दे।
सप्त सुरों के ज्ञान से, माँ अधरों को मान दे।।
पुस्तक वीणा धारिणी, जग संगीत विहारिणी ।
मनचाहा वर वारदे, सुर की देवी शारदे….
स्वर छंदों की साधना, पूर्ण करो मम याचना।
योगी ज्ञानी मानते, मुँह माँगा फल छानते।।
शुचि स्वर सागर तार दे, सुर की देवी शारदे…
माँ मंगल सुखदायिनी, उद्धारक अनपायिनी ।
ब्रह्माणी बागेश्वरी, तम नाशक मातेश्वरी ।।
नित मधुरिम संसार दे, सुर की देवी शारदे…
जग माता सुर स्वामिनी, काव्य कला अनुगामिनी।
गुण सुंदर सुख धाम हो, मुखरित नव आयाम हो ।।
स्वर लय भाव निखार दे, सुर की देवी शारदे ..
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Author: Deepak Mittal












