विद्युत विभाग की लापरवाही से घरघोड़ा क्षेत्र में विद्युत व्यवस्था अस्त-व्यस्त
अधिकारियों के लापरवाह रवैये से क्षेत्र की जनता में पनपने लगा है आक्रोश
शैलेश शर्मा नवभारत टाइम्स 24×7.in जिला ब्यूरो रायगढ़
घरघोड़ा। विद्युत विभाग के द्वारा घरघोड़ा क्षेत्र में जिस तरह से कार्य किया जा रहा है उससे लगता है कि आने वाले समय में हर उपभोक्ता कार्यालय के सामने बिजली अधिकारियों के विरोध में प्रदर्शन करने को मजबूर हो जाएगा। घरघोड़ा तहसील अंतर्गत विद्युत व्यवस्था इतनी खराब हो चुकी है कि पूछो ही मत! यहां मिनटों में नहीं बल्कि सेकेंडों में बिजली चली जाती है, जबकि बिजली आने में घंटों लग जाते हैं। खराब मौसम के एक दिन के आंधी तूफान ने इन्हें इतना हिला दिया कि बिजली व्यवस्थापकों की पूरी पोल ही खुल गई।
एक तो गर्मी के मारे क्षेत्रवासियों का जीना दुष्कर हो गया है उपर से आधी-आधी रात तक बिजली का गुल रहना क्षेत्रवासियों के लिए किसी बड़ी सजा से कम नहीं है। ऐसे में विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली को निंदनीय बताने में लोग चूक नहीं रहे हैं। पंखा, कूलर चलाने और नहाने धोने की बात तो छोड़ ही दीजिये, यहां लोगों को समय पर पीने का पानी तक भर पाना भी मुश्किल हो गया है। कभी मेंटेनेंस के नाम पर घंटों भर बिजली गायब रहती है तो कभी खराब मौसम के नाम पर। बिजली काटने में तो ये कतई भी देरी नहीं करते, एक पत्ता भी हिलता देख लेते हैं तो आंधी समझ कर फौरन बिजली काट देते हैं।
यह बात नहीं की बिजली कर्मचारी मेहनत नहीं कर रहे, मगर प्यास लगने पर कुआं खोदने वाला कथन विभागीय चरित्र में आ चुका है। बिजली विभाग अगर बरसात लगने से पूर्व निरीक्षण कर लेता कि कहाँ किस पेड़ की डंगाल या टहनियों की छंटाई की आवश्यकता है और कहाँ कौन सा खंभा कमजोर है, तो समय रहते व्यवस्था को दुरुस्त कर लिया जाता और आज क्षेत्रवासियों को इस भीषण गर्मी में यह दिन देखना ना पड़ता। जहां गर्मी के मौसम में पानी की किल्लत तो हो ही रही है वहीं छोटे-छोटे बच्चे और बुजुर्ग गर्मी के अधिक प्रभाव से बीमारी की चपेट में आ रहे हैं जिनकी अस्पतालों में लम्बी कतार देखी जा सकती है। जहां प्राइवेट क्लिनिक चलाने वाले चिकित्सकों की चांदी है, वहीं इस नाजुक समय का फायदा मिलते ही ग्रामीण क्षेत्रों में झोला छाप डॉक्टरों की मौज हो गई है।
यदि समय रहते विद्युत व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में क्षेत्र में किसी भी प्रकार के संक्रामक बीमारी के फैलने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। सरकार छत्तीसगढ़ को “नो पावर कट स्टेट” घोषित करते फुले नहीं समाती, वहीं छत्तीसगढ़ पूरे देश को बिजली देने का दम भरती है, फिर भी दीया तले अंधेरा के तर्ज़ पर राज्य के लोग ही पावर कट से परेशान हैं।
घरघोड़ा तहसील क्षेत्र के विभिन्न कोयला खदानों से देश-विदेश को उनके आवश्यकतानुसार कोयले की लगातार आपूर्ति की जा रही है उसके बावजूद भी छत्तीसगढ़ को पवार हब बनाने की बात बेमानी लगती है। छत्तीसगढ़ एक अबाधित विद्युत आपूर्ति वाला राज्य है फिर भी अनवरत विद्युत कटौती से क्षेत्रवासी त्रस्त्र हैं। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ के एक हिस्से (घरघोड़ा अनुभाग) में कई दिनों से विद्युत व्यवस्था ठप्प पड़ी हुई है। बिजली की आपूर्ति में लगातार बाधा उत्पन्न होने के सम्बंध में घरघोड़ा ए.ई. से दूरभाष के माध्य्म से जानकारी चाही गई तो उन्होंने कहा कि मैं अस्वस्थ हूं आप जे.ई. साहब से जानकारी ले लीजिए।
Author: Deepak Mittal












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