दीपक मित्तल नवभारत टाइम्स 24 x7in प्रधान संपादक छत्तीसगढ़
बालोद, भारत शासन के निर्देशानुसार जिले में सिकलसेल उन्मूलन कार्यक्रम का आयोजन 19 जून 2024 से 15 नवंबर 2024 तक सतत् रूप से क्रियान्वित किया जा रहा है। जिसके अंतर्गत जिले के आम नागरिकों का सिकलसेल की स्क्रीनिंग एवं जन-जागरूकता शिविरों का आयोजन कर प्रचार-प्रसार तथा काउंसलिंग किया जा रहा है। सहायक आयुक्त आदिवासी विकास श्रीमती मेनका चन्द्राकर ने बताया कि जिले 19 जून से अब तक 234 सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, उप स्वास्थ्य केन्द्रों एवं अन्य स्थानों में जनजागरूकता शिविर का आयोजन किया जा चुका है। जिसके अंतर्गत शिविरों में कुल 7971 नागरिकों का सिकल सेल की जाँच करने के साथ 4299 नागरिकों का स्क्रीनिंग एवं काउंसलिंग किया गया है। उन्होंने बताया कि जिले में 15 नवंबर 2024 तक आदिवासी विकास विभाग के अधीनस्थ 70 छात्रावास एवं 17 आश्रमों तथा आदिवासी विकासखंड मुख्यालय में संचालित संयुक्त एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय डौंडी में प्रवेशित शत् प्रतिशत बच्चों का सिकलसेल जाँच किया जाएगा। इसके साथ ही समस्त आंगनबाड़ी केन्द्रों एवं शिक्षा विभाग द्वारा संचालित समस्त शालाओं में भी सिकलसेल जनजागरूकता, प्रचार-प्रसार तथा काउंसलिंग का कार्यक्रम किया जाएगा। जिले में निवासरत समस्त नागरिक अपने निकटस्थ आयोजित शिविर बालोद जिले के 06 सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र क्रमशः डौंडी, डौंडीलोहारा, देवरी, गुण्डरदेही, अर्जुन्दा एवं गुरूर तथा 30 उपस्वास्थ्य केन्द्रों जगनाथपुर सांकरा, करहीभदर, लाटाबोड, पीपरछेडी, आमाडुला, दल्लीराजहरा चिखलाकसा, घोटिया, सुरडोंगर, अरजपुरी, भवरमरा, दुप्चेरा, मंगचुवा, नांहदा, पिनकापार, संजारी, सुरेगांव, बेलौदी, भरदाकला, गुरेवा, कलंगपुर, खुरसुनी, कुरदी, माहुद बी, रंनचिरई, सांकरी, सिरसिदा, अरमरीकला, बोरदा, पलारी एवं पुरूर में उपस्थित होकर सिकलसेल का निःशुल्क जांच करा कर स्वास्थ्य लाभ ले सकते है।


Author: Deepak Mittal










Total Users : 8164921
Total views : 8190710