जयपुर अग्निकांड: जिस LPG टैंकर से हुआ धमाका, उसका ड्राइवर पुलिस के पास पहुंचा, अब SIT करेगी पूछताछ

Picture of Deepak Mittal

Deepak Mittal

जयपुर-अजमेर हाइवे पर पिछले हफ्ते हुए धमाके में शामिल एलपीजी टैंकर का चालक पुलिस के सामने पेश हुआ है. अब मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) उससे पूछताछ करेगी. एक वरिष्ठ अधिकारी ने मंगलवार को बताया कि उत्तर प्रदेश के मथुरा निवासी चालक जयवीर (40) टक्कर के प्रभाव को भांपकर समय रहते टैंकर से बाहर निकलने में सफल रहा, जिससे टैंकर के आउटलेट नोजल टूट गए.पुलिस के मुताबिक, जयवीर ने घटना के बाद दिल्ली स्थित टैंकर मालिक अनिल पंवार को फोन किया और फिर अपना फोन बंद कर लिया.

पीटीआई के मुताबिक पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) अमित कुमार ने बताया, “हम टैंकर चालक को तुरंत दोषी नहीं ठहरा सकते, क्योंकि कंटेनर ट्रक चालक ने उसके वाहन को टक्कर मारी थी. उसने देखा कि टैंकर के नोजल टूट गए हैं और उसे लगा कि विस्फोट हो सकता है, क्योंकि अन्य चालक अपने वाहनों की इग्निशन चालू कर रहे थे. इसलिए, वह अपनी जान बचाने के लिए भाग गया.”इस मामले में 20 दिसंबर को एफआईआर दर्ज की गई थी, जिस दिन विस्फोट हुआ था और अब टैंकर चालक से पूछताछ की जा रही है.

टैंकर मालिक और कंपनी से पूछताछ करेगी पुलिस

अधिकारी ने बताया कि टैंकर से टकराने वाले कंटेनर ट्रक के चालक की विस्फोट में मौत हो गई. जयवीर सोमवार को पुलिस के सामने पेश हुआ. मामले की जांच कर रही एसआईटी जयवीर, टैंकर मालिक अनिल पंवार और टैंकर कंपनी से वाहन की स्थिति और चालक के रोजगार इतिहास के बारे में पूछताछ करेगी.डीसीपी ने बताया कि जयवीर दुर्घटनास्थल पर मौजूद 9 चालकों में से एक था, जो भागने में सफल रहा.

हाईवे पर यू-टर्न लेते समय हुआ था हादसा

बता दें कि जयपुर-अजमेर हाईवे पर यू-टर्न लेते समय कंटेनर ट्रक टैंकर से टकरा गया, जिससे उसका आउटलेट नोजल टूट गया और गैस का गुबार हवा में फैल गया. कुछ ही मिनटों में गैस में आग लग गई और आग के एक बड़े गोले ने जाम में फंसे 30 से अधिक वाहनों को अपनी चपेट में ले लिया.

इस दुर्घटना में दो दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए. 15 लोगों की अभी तक मौत हो चुकी है जबकि 18 लोगों की स्थिति गंभीर बनी हुई है. पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है, जिसमें लापरवाही से गाड़ी चलाना, लापरवाही से मौत का कारण बनना और जान को खतरे में डालकर चोट पहुंचाना शामिल है. राजस्थान हाईकोर्ट ने मामले का स्वत: संज्ञान लिया है और राज्य सरकार और केंद्र से जवाब मांगा है. वह इस मामले की सुनवाई 10 जनवरी, 2025 को करेगा.

Deepak Mittal
Author: Deepak Mittal

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

November 2026
S M T W T F S
1234567
891011121314
15161718192021
22232425262728
2930  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *