गुरूनानक स्कूल में राष्ट्रीय युवा सम्मान समारोह आयोजित

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*बच्चों को समर्पणभाव से राष्ट्र सेवा में आगे आना चाहिये -हेमा देशमुख*

*मुज़्ज़म्मिल खान, ब्यूरो राजनांदगाव*

राजनांदगाँव । राष्ट्रीय युवा दिवस सम्मान समारोह आयोजन समिति राजनांदगांव द्वारा गुरूनानक स्कूल में महापौर श्रीमती हेमा सुदेश देशमुख के आतिथ्य में युवा सम्मान समारोह आयोजित किया गया। स्कूल में आयोजित कार्यक्रम के पूर्व शहर के विवेकानंद मार्ग कमला कॉलेज के समीप स्थित स्वामी विवकानंद के विशालकाय प्रतिमा पर महापौर श्रीमती हेमा देशमुख ने स्वामी जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण व पूजा अर्चना किया। तत्पश्चात गुरूनानक उच्चतर माध्यमिक शाला के सभा गृह में बच्चों के मध्य गारिमामय कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ।
मुख्य अतिथि की आसंदी से महापौर श्रीमती हेमा देशमुख ने आयोजन समिति व बच्चों को स्वामी विवेकानंद जंयती की बधाई व शुभकानाएं देते हुये कहा कि स्वामी विवेकानंद जी हमारे आदर्श है और सदैव उनकी विचार हमारे बीच विद्यमान रहेंगे, बच्चें देश के भविष्य है और उन्हें राष्ट्र प्रेम की शिक्षा स्कूल में प्रांरभ से दी जानी चाहिये। क्योकि बच्चें अच्छे नागारिक बनकर देश के विकास व उन्नति में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है। उन्होंने कहा कि स्कूली शिक्षा में राष्ट्र प्रेम से संबंधित पाठ्य होनी चाहिये। बच्चों को स्वामी विवेकानंद जी की जीवनी अवश्य ही पढनी चाहिए और बच्चों को समर्पणभाव से राष्ट्र सेवा में आगे आनी चाहिए।
आयोजन समिति के अध्यक्ष अमलेन्दु हाजरा द्वारा विद्यालय स्तर पर आयोजन किये जाने के उद्देश्य को रेखांकित करते हुए महापौर के कार्यो की सराहाना करते की और कहा कि शहर में विशालकाय स्वामी जी की मूर्ति स्थापित करने व कमला कालेज रोड का स्वामी विवेकानंद के नाम पर मार्ग का नामकरण करना महापौर का स्वामी जी के प्रति निष्ठा व कार्यो के लिए समर्पण को बताया है जिसके लिये उन्हे धन्यवाद ज्ञापित करते हुये कहा कि स्वामी जी दर्शनशास्त्र, धर्मशास्त्र व शास्त्रीय संगीत के अच्छे ज्ञाता थे, उन्होंने अपने गुरू रामकृष्ण परपहंस की आरती को स्वबद्ध किया था, जो आज भी गुरू जी के आरती के समय गाया जाता है। स्वामी जी सदैव नारी सम्मान को महत्व देते थे, वर्तमान समय में नारी सम्मान व राष्ट्र भक्ति हमारा प्रथम उद्देश्य होना चाहिए।
कार्यक्रम मंे उपस्थित प्रोफेसर के.के. द्विवेदी ने उदबोधन में कहा कि स्वामी जी के गुरू रामकृष्ण परमहंस थे, बच्चों को अपने गुरू को नहीं भुलना चाहिये, स्वामी जी की फोटो अपने अध्ययन कक्ष में अवश्य रखनी चाहिए। इस अवसर पर विद्यालय के प्रचार्य श्री योगेश द्विवेदी तथा श्रीमती जसमित कौर ने भी बच्चों को विवेकानंद जयंती की शुभकामना देते हुये उनके आदर्शो पर चलने कही।
कार्यक्रम में पूर्व पार्षद देवेन्द्र मोहन देबू श्रीवास्तव, पूर्व नामांकित पार्षद श्री प्रभात गुप्ता सहित हरजीत भाटिया, कचरू प्रसाद शर्मा,हाजी के.बी. कुरैशी, राजकुमार शर्मा, सुनील श्रीवास्तव निलिख मांगवानी, के.के. सोनी एवं कायस्त समाज व शहर के गणमान्य नागारिकों की उपस्थिति में महापौर द्वारा बच्चों को प्रशस्त्रि पत्र देकर सम्मानित किया गया और तत्कालित प्रश्न उत्तर भी किये गये जिसमें अतिथियों द्वारा बच्चों का सामान्य ज्ञान अच्छा होने से उनकी सराहना करते हुये बच्चों को पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम का सफल संचालन अमलेन्दु हाजरा द्वार किया गया। कार्यक्रम में गुरूनानक स्कूल के शिक्षक एवं विद्यार्थी उपस्थित थे।

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Author: Deepak Mittal

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