आरंग।गुरु प्रकाश पर्व के अवसर पर सतनामी समाज द्वारा भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह आयोजन धर्मगुरु गुरु बालदास साहेब के सानिध्य और मार्गदर्शन, साथ ही मुख्य अतिथि गुरु खुशवंत साहेब (अजा विकास प्राधिकरण उपाध्यक्ष, आरंग विधायक एवं अखिल भारतीय सतनाम सेना प्रदेश अध्यक्ष) की गरिमामय उपस्थिति में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम की शुरुआत में धर्मगुरु गुरु बालदास साहेब और मुख्य अतिथि गुरु खुशवंत साहेब का नगरवासियों और सतनामी समाज के पदाधिकारियों द्वारा भव्य स्वागत किया गया। गुरु खुशवंत साहेब ने गुरु घासीदास बाबा जी के उपदेशों की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए समाज को संगठित और सशक्त बनने का आह्वान किया।

शोभायात्रा की शुरुआत मिनीमाता भवन से हुई, जिसे धर्मगुरु गुरु बालदास साहेब और गुरु खुशवंत साहेब ने घोड़े-बग्गी पर सवार होकर नेतृत्व किया। यह यात्रा नगर के मुख्य मार्गों से गुजरते हुए सतनाम भवन पर संपन्न हुई। शोभायात्रा में डीजे, धुमाल, बाजा और अखाड़ा दलों के प्रदर्शन ने श्रद्धालुओं को आकर्षित किया।
सतनाम भवन पहुँचने पर गुरु परम् पूज्य गुरु घासीदास बाबा जी के जोड़ा शेतखाम में पूजा-अर्चना की गई। राजागुरु धर्मगुरु गुरु बालदास साहेब ने सतनाम धर्म के सिद्धांतों पर प्रकाश डालते हुए समाज को सत्य, समानता और एकता का संदेश दिया। वहीं गुरु खुशवंत साहेब ने समाज के युवाओं को सतनाम धर्म के सिद्धांतों को आत्मसात कर समाज की उन्नति में योगदान देने के लिए प्रेरित किया।

इस ऐतिहासिक आयोजन में सतनामी समाज के साथ-साथ नगर और क्षेत्र के विभिन्न संगठनों और सर्वसमाज का उत्साहपूर्ण सहयोग,स्वागत प्राप्त हुआ। इस आयोजन में आरंग विकास खण्ड के सतनामी समाज अध्यक्ष यशवंत टंडन का विशेष सहयोग रहा। साथ मे आयोजन समिति से विक्रम परमार, ललित ढीढ़ी, धरम टंडन, खेमलाल खेलवार, टीकेश्वर गिलहरे, गोलू दिवान, राधेश्याम बंजारे, राजेश बारले,गणेश डहरिया, अनिल सोनवानी,देवराज जांगड़े,डॉ विष्णु भारद्वाज,वेदराम खुंटे गणेश बांधे,किशन भारद्वाज सहित के के भारद्वाज, डॉ गोविंद साहू , सालिक साहू , ध्रुवकुमार मिर्धा , विनोद साहू , देवनाथ साहू , राजा तंबोली , गजेन्द्र यादव , खिलेश धूरन्धर , वेदप्रकाश देवांगन , सतीश सोनकर , जीवन घृतलहरे, ललित गायकवाड, विमल सोनवानी ने आयोजन को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई।

धर्मगुरु गुरु बालदास साहेब और मुख्य अतिथि गुरु खुशवंत साहेब ने धर्ममंच से समाज को सत्य, समानता और एकता का आशीर्वाद दिया। गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि सतनाम धर्म न केवल आध्यात्मिक उत्थान का माध्यम है बल्कि सामाजिक विकास का मार्गदर्शक भी है।
यह आयोजन न केवल सतनाम समाज बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणादायक और अद्वितीय रहा। धर्मगुरु गुरु बालदास साहेब और गुरु खुशवंत साहेब के मार्गदर्शन ने इसे आध्यात्मिक और सामाजिक दृष्टि से ऐतिहासिक बना दिया।
संकलनकर्ता रोशन चंद्राकर आरंग
Author: Deepak Mittal










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