अयोध्या पहुंचे CM योगी, कहा- सनातन धर्म सुरक्षित तो दुनिया सुरक्षित

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नई दिल्ली: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को कहा कि वसुधैव कुटुंबकम का आवाहन करने वाले सनातन धर्म की सुरक्षा में पूरी दुनिया की सुरक्षा निहित है। योगी ने रामनगरी अयोध्या के अशर्फी भवन आश्रम में आयोजित भव्य अष्टोत्तरशत 108 श्रीमद्भागवत पाठ और पंच नारायण महायज्ञ में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ प्रदेशवासियों के सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हुए आहुतियां अर्पित की।

उन्होंने कहा कि अगर विश्व मानवता को बचाना है तो सनातन धर्म का सम्मान करना होगा। यह धर्म सभी के कल्याण की बात करता है। उन्होंने वसुधैव कुटुंबकम् का संदर्भ देते हुए कहा कि यह केवल सनातन धर्म है, जिसने हर जाति और मजहब के लोगों को विपत्ति के समय शरण दी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सनातन धर्म ही भारत का राष्ट्रीय धर्म है और इसे सुरक्षित रखना हम सभी का कर्तव्य है। धर्म और संस्कृति के माध्यम से समाज में सकारात्मकता और शांति का प्रसार होता है। ऐतिहासिक मंदिरों पर आक्रमण की घटनाओं का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग इन पवित्र स्थलों को नष्ट करने का काम करते थे, उनका कुल और वंश नष्ट हो गया।

योगी ने कहा कि औरंगजेब के परिवार के लोग आज रिक्शा चला रहे हैं। यह उनकी दुर्गति है। अगर उन्होंने पुण्य किए होते और मंदिरों को न तोड़ा होता, तो क्या उनकी ऐसी स्थिति होती। विश्व शांति की स्थापना केवल सनातन धर्म के माध्यम से हो सकती है। यह शाश्वत धर्म है, जो सृष्टि के आरंभ से ही चला आ रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विरासत और विकास के बीच बेहतर समन्वय होना चाहिए। उन्होंने अयोध्या में हो रहे विकास कार्यों का जिक्र करते हुए कहा कि डबल इंजन की सरकार ने संतों के मार्गदर्शन में अयोध्या के वैभव को पुन: स्थापित करने का कार्य किया है। रामलला के भव्य मंदिर का निर्माण और अयोध्या धाम का विकास इसका जीवंत उदाहरण है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह यज्ञ न केवल आत्मशुद्धि और पर्यावरण शुद्धि का माध्यम है, बल्कि यह सनातन धर्म की रक्षा और समाज में सकारात्मक ऊर्जा का प्रसार भी करता है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन मां सरयू के पवित्र अंचल और भगवान श्रीराम की जन्मभूमि पर हो रहा है, जो इस यज्ञ को और भी विशेष बनाता है। उन्होंने कहा कि जिन गलतियों की वजह से भारत को गुलामी की बेड़यिां झेलनी पड़ीं और हमारे धर्म स्थलों का अपमान हुआ, उन्हें दोबारा नहीं दोहराया जाना चाहिए। उन्होंने भारतवासियों से सनातन धर्म की रक्षा और संरक्षण के लिए एकजुट होकर काम करने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत तब तक भारत है जब तक यहां सनातन धर्म सुरक्षित है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस धर्म के संरक्षण और संवर्धन के लिए सभी को मिलकर कार्य करना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि युगों-युगों से सनातन धर्म ने सृष्टि के साथ तालमेल बनाकर खुद को जीवंत बनाए रखा है। उन्होंने कहा कि भविष्य में इसे किसी भी प्रकार की विकृतियों या विसंगतियों से बचाने के लिए हमें सतर्क रहना होगा।

उन्होंने कहा भारत तब तक भारत है जब तक भारत के अंदर सनातन धर्म सुरक्षित है। इसकी रक्षा के लिए इसके संरक्षण के लिए हम सभी को मिलकर के कार्य करना होगा। यह एक शाश्वत धर्म है, सृष्टि के साथ चला हुआ धर्म है हो सकता है कि किसी कालखंड में कुछ विसंगतिया आई हो लेकिन, विसंगती का परिमार्जन भी हमारे ऋषि मुनि संतों के माध्यम से समय- समय परमहापुरुषों के द्वारा दिखाए गए मार्ग का अनुसरण करते हुए हम करेंगे। कहीं भी हम आपसी उन फूट का, आपसी बंटवारे का, आपसी विभाजन की गलतियों को पूरे देश और पूरे धर्म को नहीं भुगतने देंगे, इस संकल्प के साथ हमें आगे बढ़ना होगा।

योगी ने कहा ‘आज बांग्लादेश में क्या हो रहा है, पाकिस्तान में क्या हुआ था, इससे पहले अफगानिस्तान में क्या हुआ। मैं पूछना चाहता हूं उन लोगों से वह कौन लोग थे जिन्होंने देश के अंदर सनातन धर्म से जुड़े हुए उन मान बिंदुओं को नष्ट करने का काम किया था, और क्यों किया था, उसके पीछे की नियत क्या थी। उसके पीछे की नियति थी अपने कुकृत्यों को अंजाम दे करके पूरी धरती को नर्क बनाने की।’

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि काशी में काशी विश्वनाथ मंदिर, अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि, मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि, संभल में कल्की अवतार की हरिहर भूमि, भोज में ज्ञान के अधिष्ठात्री देवी मां सरस्वती के पावन मंदिर जैसे पवित्र स्थलों को अपवित्र करने वालों का आज कोई अस्तित्व नहीं है। यह उनके पापों का परिणाम है। उन्होंने कहा ‘हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि भविष्य में कोई भी ऐसी स्थितियां उत्पन्न न हो, जिनसे हमारे धर्म स्थलों को अपमानित होना पड़े।’

मुख्यमंत्री ने पंचनारायण महायज्ञ के आयोजन के लिए जगद्गुरु रामानुजाचार्य पूज्य स्वामी शंकराचार्य महाराज और उनकी टीम का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि यह आयोजन न केवल धार्मिक द्दष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी करता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि इस यज्ञ का पुण्य पूरे भारतवासियों को प्राप्त होगा। इस महायज्ञ में कैबिनेट मंत्री सूर्यप्रताप शाही, स्वतंत्र देव सिंह, जेपीएस राठौर राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी, धर्म-अध्यात्म से जुड़े कई प्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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Author: Deepak Mittal

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