
उन्मुक्त खेल मैदान बना शराबियों का अड्डा
निर्मल अग्रवाल ब्यूरो प्रमुख मुंगेली
सरगांव-नगर का एकमात्र खेल मैदान “उन्मुक्त”जो कि स्वामी आत्मानंद स्कूल से लगा है वर्तमान में पूरी तरह से मुक्त हो चुका है। उचित देख रेख और लाइटिंग के अभाव ने उक्त मैदान को शराबियों का अड्डा बना दिया है। जंहा-
“दिन ढलने के बाद जब जब शाम होता है…
लोगों के हुजूम और हाथों पे जाम होता है…”
दिन ढलने पश्चात लोगों के हुजूम यंहा इकठे होने लगते है जिसका सिलसिला देर रात्रि तक चलता रहता है । शराब की बोतल लिए शराबियों ने मानो इसे मयखाना बना रखा है यही नही शराब पीने के बाद उसकी खाली बोतल को मैदान में बुरी तरह फोड़ दिया जाता है जिससे सुबह वॉक पे आये नागरिकों और खेलने वाले बच्चों को दुविधा का सामना करना पड़ता है.

हालांकि नगर पंचायत अध्यक्ष परमानन्द साहू के इस विषय पे संज्ञान और सरगांव पुलिस की सक्रियता , लगातार की जा रही पेट्रोलिंग ने स्थिति पे काफी अंकुश लगाया है। फिर भी आदत से मजबूर कुछ शराबी अपनी महफ़िल जमा ही लेते है। उक्त मैदान में अभी पुलिस फिजिकल की तैयारी कर रहे क्षेत्र के युवा प्रतिदिन अपनी प्रेक्टिस में लगे हुए है इस दौरान वंहा फैले कांच के टुकड़ों और डिस्पोजल आदि के जमा कचरों से उत्पन्न व्यवधान और पुलिस बनने से पहले ही पुलिस बनने के कर्तव्यबोध ने आखिरकार उन युवकों में एक जोश और सामाजिक सरोकरिता को जन्म दिया मद्देनजर उन्होंने सफाई अभियान चलाकर उक्त मैदान की पूरी तरह से साफ सफाई कर डाली जिनमें योगेश विश्वकर्मा, विश्राम राजपूत, विशाल खूंटे,रवि नेताम, हिरोमन राजपूत, गोकुल, अमन वर्मा, कान्हा, विजय, राजू, योगेश साहू, आदि युवा उपस्थित रहे।

चौपाटी की परिकल्पना हो साकार
नगर पंचायत सरगांव के उक्त विशालकाय मैदान में नगर विकास, व्यापारिक दृष्टिकोण, के ध्येय निर्धारित समय सीमा तय कर, एक चौपाटी की परिकल्पना को साकार किया जा सकता है .
उचित स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था के साथ सजे चौपाटी की रौनकता फूड पार्क के रूप में शराबियों के अड्डे को खत्म करते तो नज़र आएगी ही साथ साथ नगर विकास और व्यापरिक दिशा को बल देते हुए बड़े नगरों की तर्ज पर इस नगर को भी किस्म किस्म के फूड की उपलब्धता की ओर अग्रसर करने में सम्भवतः एक सार्थक कदम हो सकता है।

Author: Deepak Mittal
