नई दिल्ली: बवासीर (पाइल्स) एक आम लेकिन गंभीर स्वास्थ्य समस्या है, जो गुदा और मलाशय में सूजन, रक्तस्राव और असहनीय दर्द के रूप में प्रकट होती है। अक्सर शर्म या जानकारी की कमी के कारण इसका इलाज देर से होता है, जिससे समस्या और गंभीर हो जाती है।
बवासीर के प्रकार और लक्षण
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आंतरिक बवासीर (Internal Piles): गुदा के अंदर नसों में सूजन, अक्सर बिना दर्द के लेकिन मलत्याग के दौरान खून आ सकता है।
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बाहरी बवासीर (External Piles): गुदा के बाहरी हिस्से में सूजन और गांठें, चलने-फिरने में कठिनाई और दर्द।
प्रमुख लक्षण:
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मलत्याग में कठिनाई
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खून आना
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गुदा के पास सूजन या गांठ
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जलन व खुजली
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बैठने में असुविधा
घरेलू और आयुर्वेदिक Piles Remedy
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त्रिफला चूर्ण: रात को गर्म पानी के साथ सेवन से पाचन सुधरता है और मल नरम होता है।
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अरंडी का तेल: सूजन कम करता है और गुदा मार्ग में चिकनाई प्रदान करता है।
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बर्फ से सिकाई: बाहरी सूजन और दर्द में तुरंत राहत।
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रेशेदार आहार: हरी सब्जियां, फल, दलिया, साबुत अनाज कब्ज दूर करते हैं।
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अर्जुन की छाल और नागकेशर: रक्तस्राव रोकने और पाचन सुधारने में मदद।
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त्रिफला (हरड़, बहेड़ा, आंवला): बवासीर और अन्य पाचन समस्याओं में असरदार।
जीवनशैली में बदलाव
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रोज 30 मिनट पैदल चलें या योग करें।
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दिन में कम से कम 3 लीटर पानी पीएं।
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तैलीय और मसालेदार भोजन से परहेज करें।
कब डॉक्टर से संपर्क करें:
यदि घरेलू और आयुर्वेदिक उपायों से राहत न मिले, खून लगातार आए, या गांठ बड़ी हो जाए, तो तुरंत कोलन-रेक्टल सर्जन से संपर्क करें। आधुनिक चिकित्सा में लेजर थेरेपी और रबर बैंड लिगेशन जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध है
Author: Deepak Mittal










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