राजधानी रायपुर स्थित सर्किट हाउस के मिनी कॉन्फ्रेंस हॉल में रैंप (Raising and Accelerating MSME Performance) योजना के अंतर्गत SME एक्सचेंज और अल्टरनेटिव फाइनेंसिंग पर एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सीआईडीसी के कार्यपालक संचालक आलोक त्रिवेदी ने की तथा उद्योग संचालनालय के संयुक्त संचालक शिव राठौर गरिमामयी रूप से उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में NSE कलकत्ता (पश्चिम क्षेत्र) से पधारे प्रबंधक अवीक गुप्ता ने NSE Emerge के माध्यम से वैकल्पिक वित्त पोषण की संभावनाओं, लिस्टिंग प्रक्रिया, नियम-कायदों और बाजार में उद्यमों के प्रवेश के अवसरों पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किस प्रकार SME एक्सचेंज प्लेटफॉर्म के जरिए सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम पूंजी जुटा सकते हैं और अपने व्यवसाय का विस्तार कर सकते हैं।
वेंचर कैपिटलिस्ट किंजल गुप्ता ने स्टार्टअप के वित्तपोषण की प्रक्रिया, निवेशकों के दृष्टिकोण, पूंजी संरचना और नवाचार आधारित व्यापार मॉडल की वित्तीय आवश्यकताओं पर एक गहन व्याख्यान प्रस्तुत किया।
कार्यशाला में जिले के 35 स्टार्टअप,SME उद्योगों के प्रतिनिधि और चार्टर्ड अकाउंटेंट्स उपस्थित रहे। कार्यक्रम में सहभागी उद्यमियों ने विभिन्न प्रश्न पूछकर अपनी शंकाओं का समाधान किया और वैकल्पिक वित्त पोषण के प्रति रुचि दिखाई।
इस सफल आयोजन में उप संचालक ऋतुराज ताम्रकार की सक्रिय भूमिका सराहनीय रही। कार्यशाला ने स्टार्टअप्स और MSMEs को वित्तीय अवसरों की नई दिशा दिखाते हुए आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को सशक्त करने का कार्य किया।
Author: Deepak Mittal










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