क्यों मजबूर हुए किसान, खाद के लिए सड़कों पर उतरे अन्नदाता..

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स्वपना माधवानी की रिपोर्ट

कोटगांव (गुंडरदेही, बालोद) : खाद की कमी ने एक बार फिर अन्नदाताओं को सड़क पर उतरने को मजबूर कर दिया है। बालोद जिले के गुंडरदेही ब्लॉक के अंतर्गत ग्राम पंचायत कोटगांव स्थित सेवा सहकारी समिति से जुड़े कई गांवों के किसान इन दिनों खाद के लिए दर-दर भटक रहे हैं। हालात इतने गंभीर हैं कि किसान अब निजी व्यापारियों से उधार लेकर ऊंचे दामों में खाद खरीदने को मजबूर हैं।

किसानों का कहना है कि यह स्थिति कोई नई नहीं है, पिछले दो वर्षों से हर खरीफ सीजन में यही हाल है। इस बार उन्हें उम्मीद थी कि नई सरकार बनने के बाद व्यवस्था बेहतर होगी, लेकिन अब भी हालात जस के तस हैं।

किसानों की प्रमुख समस्याएं:

1. डीएपी खाद की भारी कमी।

2. समिति में पर्याप्त मात्रा में खाद का भंडारण नहीं।

3. मानसून की शुरुआत के बाद खाद की मांग में भारी इजाफा।

4. बाजारों में खाद की जमकर कालाबाजारी।

किसानों की मांगें:

1. खाद की पर्याप्त और समय पर आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।

2. डीएपी सहित अन्य आवश्यक उर्वरकों की उपलब्धता बढ़ाई जाए।

3. खाद की कीमतों में स्थिरता लाई जाए और कालाबाजारी पर कठोर कार्रवाई हो।

किसानों ने स्पष्ट कहा कि सरकार अगर इच्छाशक्ति दिखाए तो खाद की कालाबाजारी को रोका जा सकता है और जरूरतमंद किसानों को एनपीके जैसे विकल्प भी समय रहते उपलब्ध कराए जा सकते हैं।

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Author: Deepak Mittal

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