बलरामपुर: चरित्र शंका के चलते पत्नी की हत्या कर उसे आत्महत्या का रूप देने के सनसनीखेज मामले का खुलासा बलरामपुर पुलिस ने किया है। जांच में सामने आया कि पति ने पहले पत्नी की बेरहमी से पिटाई कर हत्या की और बाद में अपने साथी के साथ मिलकर शव को जंगल में पेड़ से फांसी पर लटका दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
पुलिस के अनुसार, थाना बलरामपुर क्षेत्र अंतर्गत ग्राम झपरा-लातापानी के घने जंगल में 13 फरवरी 2026 की शाम एक महिला का शव संदिग्ध परिस्थितियों में पेड़ से लटका मिला था। सूचना पर सूचक अनिल खलखो की रिपोर्ट के आधार पर मर्ग क्रमांक 09/2026 धारा 194 बीएनएसएस के तहत मर्ग इंटीमेशन दर्ज कर पंचनामा कार्रवाई की गई। प्रारंभिक जांच में मामला आत्महत्या प्रतीत हो रहा था, लेकिन शव परीक्षण के दौरान कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए।
पोस्टमार्टम में मृतिका बंधनी (लगभग 50 वर्ष), पति गुना राम, निवासी झपरा, के शरीर पर गंभीर चोटों और खरोंच के निशान पाए गए। शॉर्ट पीएम रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया कि मृत्यु हत्यात्मक प्रकृति की है। इसके बाद पुलिस ने हत्या के एंगल से जांच तेज कर दी।
जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी गुना राम अपनी पत्नी के घर से बार-बार बाहर जाने और देर से लौटने को लेकर नाराज रहता था। घटना से एक दिन पहले मृतिका बलरामपुर बाजार गई थी और रात में घर नहीं लौटी। अगले दिन घर लौटने पर दोनों के बीच विवाद हुआ। गुस्से में आरोपी ने पत्नी को धक्का देकर गिरा दिया और बांस के डंडे तथा हाथ-पैर से बेरहमी से मारपीट की, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
हत्या के बाद आरोपी ने अपने परिचित लखन कुम्हरिया (50 वर्ष), निवासी झपरा, की मदद से शव को गांव से दूर जंगल में ले जाकर पेड़ पर फांसी के फंदे से लटका दिया, ताकि मामला आत्महत्या लगे। हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों ने आरोपियों की साजिश का पर्दाफाश कर दिया।
पुलिस ने पर्याप्त साक्ष्य जुटाने के बाद अपराध क्रमांक 35/2026 धारा 103(1), 238, 3(v) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया। दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें उन्होंने अपराध स्वीकार कर लिया। 15 फरवरी 2026 को दोनों को न्यायिक रिमांड पर न्यायालय में पेश किया गया।
मामले के खुलासे के बाद क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि वैज्ञानिक और तकनीकी जांच की मदद से गंभीर अपराधों की सच्चाई सामने लाई जा सकती है।
Author: Deepak Mittal









