पंजाब के फतेहगढ़ साहिब में मनरेगा का नाम बदलने और योजना को कमजोर किए जाने के आरोपों को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) ने केंद्र सरकार के खिलाफ बड़ा शक्ति प्रदर्शन किया। इस विरोध प्रदर्शन में हजारों मनरेगा मजदूर सड़कों पर उतरे और केंद्र सरकार के फैसले को मजदूर विरोधी करार देते हुए जमकर नारेबाजी की।
“मनरेगा सिर्फ नाम नहीं, गरीबों की ढाल है”
प्रदर्शन के दौरान AAP नेताओं और मजदूरों ने साफ कहा कि मनरेगा को यथावत रखा जाए और इसके नाम व स्वरूप से छेड़छाड़ बंद की जाए। पार्टी का आरोप है कि केंद्र सरकार ने मनरेगा का नाम बदलकर ‘विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ (VB-G RAM G) कर दिया है। यह बिल संसद से पास हो चुका है, लेकिन आम आदमी पार्टी समेत कई विपक्षी दल इसे योजना की आत्मा पर हमला बता रहे हैं।
शीतकालीन सत्र में पास हुआ बिल, भड़का विरोध
AAP नेताओं का कहना है कि संसद के शीतकालीन सत्र में नाम बदलने वाला बिल पास कर केंद्र सरकार ने मजदूरों के अधिकारों पर सीधा वार किया है। पार्टी का दावा है कि मनरेगा केवल एक योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण गरीबों के लिए रोजगार की संवैधानिक गारंटी और सामाजिक सुरक्षा का मजबूत आधार है। नाम बदलना और ढांचे में बदलाव करना, इसे धीरे-धीरे कमजोर करने की साजिश है।
“100 दिन का रोजगार हमारी ज़िंदगी का सहारा”
प्रदर्शन में शामिल मजदूरों ने कहा कि मनरेगा से देश के करोड़ों ग्रामीण परिवारों को साल में कम से कम 100 दिन का रोजगार मिलता है। पंजाब समेत कई राज्यों में यह योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ मानी जाती है। AAP का आरोप है कि केंद्र सरकार लगातार मनरेगा के बजट में कटौती कर रही है और अब नाम बदलकर इसे खत्म करने की दिशा में कदम बढ़ा रही है।
देशव्यापी आंदोलन की चेतावनी
मनरेगा मजदूरों ने चेतावनी दी कि अगर केंद्र सरकार ने अपने फैसले वापस नहीं लिए, तो देशभर में आंदोलन और तेज किया जाएगा। आम आदमी पार्टी ने ऐलान किया कि वह सड़क से लेकर संसद तक मजदूरों के अधिकारों की लड़ाई लड़ेगी और किसी भी मजदूर विरोधी फैसले का डटकर विरोध करेगी।
Author: Deepak Mittal










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