यहाँ कैसी गौ सेवा? गौशाला में हंगामा, किसानों और संचालक के बीच विवाद..

Picture of Deepak Mittal

Deepak Mittal

मुकेश शर्मा : शाजापुर जिले के पोलायकला और आसपास के क्षेत्रों में निराश्रित पशुओं के कारण किसानों की सोयाबीन की फसलें बर्बाद हो रही हैं। इससे नाराज होकर किसान आदर्श श्री कृष्ण गौशाला के बाहर रात 11:00 बजे तक हंगामा करते रहे। किसानों की मांग थी कि निराश्रित पशुओं को गौशाला में रखा जाए, लेकिन गौशाला संचालक भवरसिंह राठौर और किसानों के बीच इसको लेकर विवाद हुआ।

गौशाला की सीमित क्षमता और संसाधन

गौशाला संचालक ने बताया कि गौशाला की क्षमता केवल डेढ़ सौ गायों की है, और इससे अधिक पशुओं को रखने की अनुमति नहीं है। इसके साथ ही चरनोई भूमि की अनुपलब्धता के कारण गौशाला में अतिरिक्त पशुओं का प्रबंधन संभव नहीं है। हालांकि, किसानों ने इस तर्क को मानने से इनकार कर दिया और निराश्रित पशुओं को गौशाला में रखने पर अड़े रहे।

कलेक्टर के आदेश की अवहेलना का आरोप

किसानों का आरोप है कि गौशाला संचालक शाजापुर कलेक्टर के आदेशों का पालन नहीं कर रहे। आदेश के अनुसार, निराश्रित पशुओं को नगर परिषद की सहायता से गौशालाओं में छोड़ा जाना था। किसान अरविंद मडलोई और अशोक अमन ने कहा कि गौशाला में भ्रष्टाचार हो रहा है और गायों को ठीक से देखभाल नहीं मिल रही है।

गौशाला के पास अतिक्रमित शासकीय भूमि

गौशाला के समीप 300 बीघा शासकीय जमीन पर दबंगों का कब्जा है, जिसे मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देश के बावजूद अब तक प्रशासन मुक्त नहीं करा सका। यह भूमि गौ माता के चरने के लिए उपयुक्त हो सकती है, पर प्रशासन की उदासीनता के चलते यह समस्या बनी हुई है।

समस्या का समाधान जरूरी

किसानों और गौशाला संचालक के बीच यह विवाद प्रशासन की निष्क्रियता और संसाधनों की कमी को उजागर करता है। अब सवाल यह है कि क्या प्रशासन इस मुद्दे का समाधान ढूंढ पाएगा, या फिर किसान और गौशाला संचालक के बीच का यह संघर्ष ऐसे ही चलता रहेगा?

Deepak Mittal
Author: Deepak Mittal

Leave a Comment

Leave a Comment