‘नरेंद्र मोदी जैसा पीएम चाहिए’, नेपाल में Gen-Z ने कर दी बड़ी मांग; अंतरिम सरकार से पहले कहां फंसा पेंच?

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काठमांडू। नेपाल के Gen-Z युवाओं के आंदोलन ने पूरे राष्ट्र को हिला दिया। भ्रष्टाचार और सोशल मीडिया बैन के खिलाफ शुरू हुए इस आंदोलन ने नेपाल की राजनीति ही बदल दी। केपी शर्मा ओली ने नेपाल के प्रधानमंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया।

प्रदर्शनकारियों ने नेपाल की संसद को आग को हवाले कर दिया।

नेपाल में फैली इस हिंसा में अभी तक 30 लोगों की जान गई है। 1000 से अधिक लोग घायल हैं। इस बीच सवाल ये है कि नेपाल का अगला नेता कौन होगा। नेपाल में इस समय अंतरिम सरकार बनाने को लेकर कवायद शुरू हो गई है। इस बीच नेपाल में लोगों के बीच भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जैसे चेहरे की मांग उठ रही है।

लोगों ने कहा- नेपाल को चाहिए नरेंद्र मोदी जैसा प्रधानमंत्री

दरअसल, समाचार एजेंसी आईएएनएस ने गुरुवार को कई युवा नेपाली नागरिकों से बात की। इस दौरान नेपाल के युवाओं ने देश के राजनीतिक भविष्य के लिए अपनी आशाओं, चिंताओं और दृष्टिकोण को साझा किया।

इसी बातचीत के दौरान एक युवा ने कहा कि हमने जो हासिल किया है, उसकी हम सराहना करते हैं। हमने 35 घंटों के भीतर सरकार को हटा दिया। हम प्रधानमंत्री मोदी जैसा नेता चाहते हैं जो देश के कल्याण को प्राथमिकता दे। पिछले एक दशक में, भारत में उल्लेखनीय बदलाव आए हैं और हम नेपाल में भी ऐसी ही प्रगति देखना चाहते हैं। युवा ने कहा कि नेपाल में फिलहाल एक अल्पकालिक आदर्श सरकार होगी, जिसके बाद सामान्य चुनाव होंगे।

‘युवा नेता ही नेपाल को संकट से निकालेगा’

वहीं, कुछ युवाओं का मानना है कि युवा नेता ही नेपाल को मौजूदा स्थिति से उबार सकता है। IANS से बात करते हुए दीपेंद्र विश्वकर्मा नाम के एक युवक ने कहा कि इस समय नेपाल को एक ऐसे प्रधानमंत्री की जरूरत है जो युवा हो और सबको एकजुट कर सके। इतना बड़ा आंदोलन हो चुका है और व्यक्तिगत या राजनीतिक झगड़ों पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय, सभी नेताओं को एक साथ आकर देश के वास्तविक मुद्दों पर चर्चा करनी चाहिए।

‘भारत की तरह नेपाल को बढ़ना होगा आगे’

एक अन्य नेपाल के युवा ने कहा कि नेपाल को भारत की तरह एक वैश्विक शक्ति बनने की आकांक्षा रखनी चाहिए। अगर हमें तकनीकी और आर्थिक रूप से आगे बढ़ना है, तो हमें एक युवा और गतिशील नेता की ज़रूरत है जो नेपाल को भविष्य की ओर ले जा सके। कुछ युवाओं का मानना है कि सुशीला कार्की को नेपाल का प्रधानमंत्री नहीं होना चाहिए। उनकी जगह धरान के बालेंद्र शाह, कुलमन घीसिंग और गोपी हमाल देश का नेतृत्व करने के लिए ज़्यादा उपयुक्त हैं।

केपी शर्मा ओली ने दिया था पद से इस्तीफा

बता दें कि नेपाल में फैली हिंसा के बीच मंगलवार को केपी शर्मा ओली ने नेपाल के पीएम पद से इस्तीफा दे दिया था। ओली ने देश में असामान्य स्थिति और संवैधानिक समाधान की आवश्यकता का हवाला देते हुए राष्ट्रपति राम चंद्र पौडेल को अपना इस्तीफा सौंप दिया। 

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Author: Deepak Mittal

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