Kheere Ka Chilka Ka Rate: गर्मी में जहां लोग ठंडे खीरे खाना पसंद करते हैं, वहीं सोशल मीडिया पर एक अनोखा वीडियो वायरल हो गया है। इसमें एक शख्स खीरे के छिलके 10 रुपये किलो बेचते दिख रहा है।
इंस्टाग्राम पर शेयर इस क्लिप को 37 लाख से ज्यादा लोग देख चुके हैं। जबकि यूजर्स मजेदार कमेंट्स कर रहे हैं।
गर्मी के मौसम में ठंडा-ठंडा खीरा, वो भी नमक और नींबू के रस साथ… भला कौन नहीं खाना चाहेगा। वैसे भी खीरा सेहत के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है, जो शरीर को हाइड्रेटे रखने के साथ-साथ टॉक्सिन्स भी शरीर से बाहर निकलाता है। अब जो कोई चीज इतनी फायदेमंद है तो आदमी भला क्यों ही नहीं खाना चाहेगा।
लेकिन सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसने लोगों का दिमाग घुमा दिया है। दरअसल, इस क्लिप में एक व्यक्ति खीरे के छिलके बेचते नजर आ रहा है। जी हां, वही छिलके जिन्हें आप कचरे में फेंक देते हैं। पता है वह खीरे के छिलकों को कितने रुपये किलो बेच रहा है?खीरे के छिलके कौन खा रहा है?इस वीडियो को पोस्ट करते हुए कैप्शन दिया गया- खीरे के छिलके मिले 10 रुपए किलो। वायरल क्लिप में देखा जा सकता है कि एक व्यक्ति बड़े से टोकरे में खूब सारे हरे-हरे छिलके बेच रहा है। जब वीडियो बना रहा शख्स पूछता है – दादा, खीरे के छिलके कितने रुपये किलो? इस पर दादा जवाब देते हैं – 10 रुपये किलो। वो तुरंत कहता है – लगा दो।
दादा फिर अखबार का टुकड़ा लेते हैं, उस पर कुछ छिलके रखते हैं और मसाला डालकर शख्स को पकड़ा देते हैं। जब युवक पूछता है – दादा, खीरे के छिलके कौन खा रहा है? तो वह कहते हैं – आदमी खा रहे हैं। फिर लड़का कहता है – आदमी खा रहा है, कोलकाता का…। बाकी आप वीडियो में देख लीजिए।
भाई खीरा ही खा लेता…यह वीडियो @hemant_kumanr_9 ने इंस्टाग्राम पर 29 जुलाई को पोस्ट किया था, जिसे 37 लाख व्यूज और 22 हजार से ज्यादा व्यूज खबर लिखे जाने तक मिल चुके हैं। और हां, सैकड़ों यूजर्स ने इस पर प्रतिक्रिया दी है। एक शख्स ने लिखा – कुछ तो बेजुबान जानवरों के लिए भी छोड़ दो। दूसरे ने लिखा- क्या क्या देखना पड़ेगा। एक यूजर ने लिखा- भाई खीरा ही खा लेता।
वहीं एक यूजर ने पूछा कि यह खीरे के छिलके हैं या लौकी के। बाकी तमाम यूजर्स तो इस वीडियो को देखने के बाद हंसी ही नहीं रोक पा रहे हैं। खैर, आपने कभी खीरे के छिलके खरीद कर खाएं हैं? वैसे भी खीरे की तरह उसके छिलके भी सेहत और स्किन के लिए फायदेमंद माने जाते हैं।

Author: Deepak Mittal
