असम में हिंसा: भीड़ ने बीजेपी नेता के पैतृक घर में लगाई आग, पुलिस ने लागू की निषेधाज्ञा

Picture of Deepak Mittal

Deepak Mittal

गुवाहाटी: असम के पश्चिम कार्बी आंगलोंग जिले में सोमवार को भू-अधिकार और बेदखली की मांग को लेकर शुरू हुआ विरोध-प्रदर्शन हिंसक रूप ले गया। प्रदर्शनकारियों ने कार्बी आंगलोंग स्वायत्त परिषद (KAAC) के मुख्य कार्यकारी सदस्य और भाजपा नेता तुलिराम रोंगहांग के डोंकामुकाम स्थित पैतृक घर को आग के हवाले कर दिया और पथराव किया।

 स्थिति नियंत्रण में लाने के लिए पुलिस और CRPF तैनात

घटना के बाद हालात बिगड़ने पर पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए बल प्रयोग किया। इस दौरान कम से कम तीन लोग घायल हुए। स्थिति को काबू में करने के लिए अतिरिक्त बलों के साथ CRPF और पुलिस कमांडो तैनात किए गए। जिला प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका के चलते निषेधाज्ञा लागू कर दी।

 भू-अधिकार और बेदखली की पुरानी मांग

पश्चिम कार्बी आंगलोंग आदिवासी बहुल पहाड़ी जिला है और संविधान की छठी अनुसूची के तहत KAAC के अधिकार क्षेत्र में आता है।

  • यहां कार्बी जनजाति बहुसंख्यक है।

  • PGR (पेशेवर चराई रिजर्व) और VGR (ग्रामीण चराई रिजर्व) भूमि पर गैर-जनजातीय कब्जा प्रतिबंधित है।

  • पिछले दो सप्ताह से पेलांगपी इलाके में भूख हड़ताल चल रही थी, जहां प्रदर्शनकारी अतिक्रमण हटाने की मांग कर रहे थे।

सोमवार को प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाने पर गलतफहमी और आक्रोश फैल गया, जिससे हिंसा भड़की। पुलिस ने कहा कि यह लोगों की स्वास्थ्य की दृष्टि से जरूरी इलाज के लिए गुवाहाटी ले जाने की कार्रवाई थी, न कि गिरफ्तारी।

 दो इलाकों में उपद्रव, अल्पसंख्यक समुदाय निशाने पर

  • डोंकामुकाम में रोंगहांग के पैतृक घर में आगजनी के बाद स्थिति नियंत्रण में आई।

  • खेरोनी इलाके में पुलिस थाने के पास पथराव हुआ और बिहारी व नेपाली समुदाय पर हमले की कोशिश की गई।

  • वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने पूरे इलाके में फ्लैग मार्च और निगरानी बढ़ा दी

 फरवरी 2024 की घोषणा और हाईकोर्ट मामला

तुलिराम रोंगहांग ने फरवरी 2024 में क्षेत्र में आरक्षित चरागाह भूमि पर अतिक्रमण हटाने की घोषणा की थी।

  • डोंकामुकाम सर्किल के हवाईपुर मौजा में 1,983 परिवार और फुलोनी सर्किल में 103 परिवार अवैध रूप से बसे हैं।

  • प्रभावित लोगों ने गौहाटी हाईकोर्ट में जनहित याचिका (PIL) दायर की, जिससे बेदखली की कार्रवाई फिलहाल अदालत की अवमानना बन जाएगी।

Deepak Mittal
Author: Deepak Mittal

Leave a Comment

Leave a Comment