नैनीताल: उत्तराखंड के नैनीताल जिले की एक अदालत ने पत्नी की हत्या के मामले में दोषी पति को आजीवन कारावास और एक लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रशांत जोशी ने मंगलवार को आरोपी इमरान उर्फ ऋषभ को दोषी करार दिया था और गुरुवार को सजा सुनाई।
धार्मिक पहचान छिपाकर की शादी
अभियोजन पक्ष के अनुसार, वर्ष 2021 में गाजियाबाद निवासी इमरान ने अपनी धार्मिक पहचान छिपाकर ऋषभ तिवारी के नाम से दीक्षा मिश्रा से नजदीकियां बढ़ाईं। बाद में उसने हिंदू रीति-रिवाज से विवाह किया। असलियत सामने आने के बाद उसने दीक्षा के साथ निकाह भी किया।
15 अगस्त 2021 को इमरान अपनी पत्नी दीक्षा, दोस्त अल्मास और उसकी पत्नी श्वेता शर्मा के साथ घूमने नैनीताल आया था। उस दिन दीक्षा का जन्मदिन भी था।
होटल में की हत्या
अभियोजन के अनुसार, उसी रात एक होटल में इमरान ने दीक्षा की गला दबाकर हत्या कर दी और उसका मोबाइल लेकर फरार हो गया। श्वेता शर्मा की शिकायत पर मल्लीताल कोतवाली में आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।
पुलिस ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से 17 गवाह पेश किए गए।
अदालत ने साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आरोपी को दोषी मानते हुए उसे उम्रकैद की सजा सुनाई है।
Author: Deepak Mittal









