रेलवे, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी के केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आज नई दिल्ली रेलवे स्टेशन का दौरा कर भारत की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान केंद्रीय मंत्री ने स्लीपर कोचों का गहन अवलोकन किया, जिसमें सीटिंग एवं बर्थिंग व्यवस्था, आधुनिक इंटीरियर, संरक्षा विशेषताएँ तथा यात्री सुविधा प्रणालियाँ शामिल थीं। निरीक्षण के दौरान यात्री सुरक्षा और ऑनबोर्ड सुविधाओं पर विशेष जोर दिया गया।
यह ट्रेन स्वचालित दरवाजों, कवच (KAVACH) सुरक्षा प्रणाली, उन्नत अग्नि सुरक्षा तंत्र, कीटाणुनाशक तकनीक तथा सभी कोचों में सीसीटीवी निगरानी जैसी सुविधाओं से सुसज्जित है। इसके साथ ही, शौचालयों में अभिनव डिज़ाइन तत्वों पर भी विशेष ध्यान दिया गया है, जिससे बेहतर स्वच्छता सुनिश्चित हो सके और पानी के छींटों को रोका जा सके। यह भारतीय रेल के यात्री सुविधा और स्वच्छता पर केंद्रित दृष्टिकोण को दर्शाता है।

पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन असम के गुवाहाटी और पश्चिम बंगाल के हावड़ा के बीच संचालित होगी, जो देश में लंबी दूरी की रात्रिकालीन रेल यात्रा में एक परिवर्तनकारी कदम साबित होगी। इस ट्रेन के परीक्षण, ट्रायल एवं प्रमाणन का संपूर्ण चक्र सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया गया है। जनवरी माह में माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी इस मार्ग पर पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे।
केंद्रीय मंत्री ने रेलवे अधिकारियों से बातचीत की और ट्रेन के तकनीकी पहलुओं की समीक्षा करते हुए कहा कि वंदे भारत स्लीपर ट्रेन पूरी तरह से तैयार है। ट्रेन की 16-कोच संरचना में 11 एसी थ्री-टियर कोच, चार एसी टू-टियर कोच तथा एक एसी फर्स्ट क्लास कोच शामिल हैं, जिनमें कुल लगभग 823 यात्रियों के बैठने/यात्रा करने की क्षमता है। उन्नत सस्पेंशन प्रणाली, एर्गोनॉमिक इंटीरियर तथा उच्च स्वच्छता मानकों के साथ यह ट्रेन उत्कृष्ट यात्रा आराम प्रदान करने के लिए अभिकल्पित की गई है।

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में यात्रियों को क्षेत्र-विशेष के व्यंजनों का आनंद भी मिलेगा। गुवाहाटी से प्रारंभ होने वाली ट्रेन में प्रामाणिक असमिया व्यंजन परोसे जाएंगे, जबकि कोलकाता से प्रारंभ होने वाली ट्रेन में पारंपरिक बंगाली व्यंजन उपलब्ध होंगे, जिससे यात्रियों को एक आनंददायक और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध भोजन अनुभव प्राप्त होगा।

अर्ध-उच्च गति वाली यह ट्रेन 180 किमी प्रति घंटे तक की डिज़ाइन गति के साथ आधुनिक सुविधाओं और तेज यात्रा समय का संयोजन प्रस्तुत करती है, जो भारतीय रेल की यात्री-केंद्रित सेवाओं और तकनीकी नवाचार पर केंद्रित प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
Author: Deepak Mittal










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