वॉशिंगटन: अमेरिका के प्रभावशाली सीनेटर और सीनेट इंटेलिजेंस कमेटी के अध्यक्ष मार्क वॉर्नर ने पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है, जिसमें ट्रंप ने कहा था कि मई 2025 में हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान उन्होंने भारत और पाकिस्तान को युद्ध से रोका था। वॉर्नर ने स्पष्ट कहा कि भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़े तनाव को खत्म करने में अमेरिका की भूमिका को जरूरत से ज्यादा बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है।
समाचार एजेंसी आईएएनएस को दिए एक विशेष इंटरव्यू में मार्क वॉर्नर ने कहा कि उपलब्ध जानकारियां इस बात का समर्थन नहीं करतीं कि वॉशिंगटन ने अकेले इस संकट को सुलझाया। उन्होंने कहा, “सच्चाई यह है कि भारत और पाकिस्तान ने अपने संवाद तंत्र के जरिए खुद ही स्थिति को संभाला।”
वॉर्नर ने माना कि अमेरिका ने सहयोगी भूमिका निभाने की कोशिश जरूर की होगी, लेकिन उन्होंने ट्रंप की सीधी दखलअंदाजी के दावों को खारिज करते हुए कहा कि ऐसे बयान कूटनीतिक माहौल को नुकसान पहुंचा सकते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि इस तरह की बयानबाजी संवेदनशील समय में क्षेत्रीय तनाव को और भड़का सकती है।
अमेरिकी सीनेटर ने कहा कि भारत-पाक तनाव का यह घटनाक्रम एक जाना-पहचाना पैटर्न दिखाता है, जो सीमा पार आतंकवाद से जुड़ा रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों से निपटने के लिए नई दिल्ली और इस्लामाबाद के बीच संवाद के चैनल पहले से मौजूद हैं।
मार्क वॉर्नर ने यह भी संकेत दिया कि भारत के साथ मौजूदा टैरिफ विवाद कहीं न कहीं इसी नाराजगी से जुड़ा हो सकता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सीजफायर का श्रेय डोनाल्ड ट्रंप को नहीं दिया। उन्होंने कहा कि ट्रंप अक्सर विदेश नीति से जुड़े मामलों में नतीजों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करते रहे हैं।
वॉर्नर ने चेताया कि इस तरह की भाषा और दावे वॉशिंगटन और नई दिल्ली के बीच भरोसे को कमजोर कर सकते हैं और द्विपक्षीय रिश्तों पर नकारात्मक असर डाल सकते हैं।
Author: Deepak Mittal










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