तोमर बंधु परिजनों से कर रहे हैं बात, लेकिन पुलिस अब भी खाली हाथ! तीन महीने से फरार राजनीतिक शरण’ में छिपे?

Picture of Deepak Mittal

Deepak Mittal

सैकड़ों अपराधी पकड़ लिए, लेकिन तोमर ब्रदर्स पर पुलिस अब भी बेबस!

रायपुर पुलिस की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं, जब वीरेंद्र सिंह तोमर और रोहित तोमर उर्फ “तोमर ब्रदर्स”, जिन पर जून 2025 से मारपीट, वसूली, ब्लैकमेलिंग और सूदखोरी के 7 संगीन मामले दर्ज हैं, अब तक पुलिस की पकड़ से बाहर हैं।

फोन कॉल ट्रेस भी नाकाम, परिजनों से संपर्क में हैं आरोपी!

पुलिस की जांच में यह खुलासा हुआ है कि दोनों आरोपी अब भी अपने परिजनों के संपर्क में हैं, लेकिन 150 से ज्यादा मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल खंगालने के बावजूद पुलिस को कोई ठोस सुराग नहीं मिला। यानी तकनीक और सूचना दोनों के होते हुए भी पुलिस दोनों को ट्रेस नहीं कर सकी।

क्या राजनीतिक संरक्षण बना पुलिस की कमजोरी?

बड़ी चर्चा यह भी है कि तोमर ब्रदर्स को किसी बड़े राजनीतिक नेता का संरक्षण मिला हुआ है, जिसके कारण पुलिस की कार्रवाई दिखावटी बनकर रह गई है।
वहीं, यही पुलिस पंजाब, यूपी, बिहार, राजस्थान और महाराष्ट्र से 380 से ज्यादा अपराधियों को गिरफ्तार कर चुकी है, जिससे यह सवाल उठना लाज़मी है—आखिर रायपुर में ही कानून क्यों कमजोर है?

क्या है अब तक की कार्रवाई?

  • जून 2025 में दर्ज हुए कुल 7 केस

  • कोर्ट से गिरफ्तारी वारंट जारी

  • लोअर कोर्ट से अग्रिम जमानत खारिज

  • हाईकोर्ट में याचिका विचाराधीन

  • दोनों पर ₹5,000 का इनाम घोषित

  • पुलिस को है दोनों के मध्यप्रदेश में छिपे होने का शक

Deepak Mittal
Author: Deepak Mittal

Leave a Comment

Leave a Comment