आज का दिन केवल बस्तर ही नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ और देश के लिए ऐतिहासिक: CM साय
रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि आज का दिन केवल बस्तर ही नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ और देश के लिए ऐतिहासिक है। बस्तर में 210 नक्सलियों ने, जो कभी माओवाद की हिंसक विचारधारा में फंसे थे, आज संविधान और सरकार की नीतियों पर विश्वास जताते हुए विकास की मुख्यधारा को अपनाया। उन्होंने अपने कंधों से बंदूक उतारकर हाथों में संविधान थामा।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इन युवाओं से मुलाकात उनके जीवन के सबसे भावनात्मक और संतोषजनक पलों में से एक रही। उन्होंने बताया कि “नक्सलवादी आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति 2025”, “नियद नेल्ला नार योजना” और “पूना मारगेम – पुनर्वास से पुनर्जीवन” जैसी योजनाएं विश्वास और परिवर्तन का आह्वान करती हैं। इन नीतियों की ताकत से आज नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर सरकार की विश्वास और विकास की प्रतिज्ञा को स्वीकार किया।
साय ने कहा कि यह क्षण छत्तीसगढ़ के शांतिपूर्ण भविष्य का शिलान्यास है। सरकार आत्मसमर्पितों के पुनर्वास और उनके बेहतर भविष्य के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार की प्रतिज्ञा है कि छत्तीसगढ़ को नक्सलवाद से मुक्त किया जाए, और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में यह प्रतिज्ञा पूर्ण हो रही है।
Author: Deepak Mittal









