ड्रॉप आऊट रोकने विद्यार्थियों के उपस्थिति की करें हर माह मॉनिटरिंग-कलेक्टर  कार्तिकेया गोयल..

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रायगढ़/ कलेक्टर  कार्तिकेया गोयल की अध्यक्षता में नि:शुल्क एवं बाल शिक्षा का अधिकार के क्रियान्वयन एवं प्रधानमंत्री पोषण शक्ति योजना की सतत् मॉनिटरिंग के संबंध में जिला स्तरीय समिति की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में सीईओ जिला पंचायत जितेन्द्र यादव भी उपस्थित रहे।


कलेक्टर  गोयल ने शिक्षा के अधिकार के तहत स्कूल पंजीकरण, छात्र पंजीकरण, नोडल द्वारा छात्र दस्तावेज सत्यापन, आवेदनों की लॉटरी, स्कूल में प्रवेश, छात्र ट्रैकिंग, प्रतिपूर्ति दावा एवं ड्राप आउट छात्र ट्रेकिंग की जानकारी ली। उन्होंने शिक्षा के अधिकार के तहत पंजीकृत स्कूलों के सीटों के विरूद्ध दो चरण में हुए प्रवेश की समीक्षा करते हुए कहा कि कुल आवेदनों की अपेक्षा रद्द की संख्या अधिक है।

उन्होंने कहा कि आवेदन दस्तावेज की कमी के कारण रद्द नहीं होने चाहिए। रद्द हुए आवेदनों का कारण सहित निर्धारित प्रपत्र में उपलब्ध कराए। कलेक्टर  गोयल ने बच्चों के टे्रकिंग समीक्षा के दौरान कहा कि लम्बे समय के बाद टे्रक करने के पश्चात पता चलता है कि बच्चा स्कूल नहीं आ रहा है।

इसके लिए आरटीई के तहत नवप्रवेशित बच्चों के मॉनिटरिंग हेतु सभी नोडल संबंधित स्कूलों से कक्षा पहली से आठवीं तक के बच्चों की मासिक उपस्थिति रिपोर्ट संकलन करें, ताकि ड्रॉप आउट में कमी लाया जा सके।


कलेक्टर  गोयल ने अशासकीय शालाओं को प्रदान किए जाने वाले शुल्क विवरण की समीक्षा करते हुए गणवेश एवं पाठ्य-पुस्तक शुल्क के संशोधन सुझाव समिति के माध्यम से राज्य शासन को भेजने संबंधी निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने नप्रवेशित बच्चों के परिजनों का श्रमिक पंजीयन करवाने के निर्देश दिए ताकि बच्चों के साथ परिजनों को भी शासन की योजनाओं का लाभ मिल सके।

कलेक्टर  गोयल ने प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना अंतर्गत विकासखण्डवार शालाओं में संचालित मध्यान्ह भोजन, कार्यरत रसोईया की समीक्षा की। उन्होंने मध्यान्ह भोजन संचालन करने वाले एसएचजी समूह को एनआरएलएम एवं एनयूएलएम युक्त करने तथा सभी रसोईयों के श्रमिक पंजीयन कार्ड बनाने के निर्देश दिए।

उन्होंने शालाओं में स्थित किचन शेड के स्थिति की भी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि मध्यान्ह भोजन के लिए प्राप्त खाद्यान्न वाले स्थानों को साफ-सुथरा रखा जाए। इस दौरान उन्होंने खाद्य पदार्थों की भी समीक्षा करते हुए कहा कि बच्चों के पोषण से संबंधित मध्यान्ह भोजन में गुणवत्ता को लेकर किसी प्रकार की समझौता नहीं की जाएगी।


कलेक्टर  गोयल ने विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, विकली आयरन फोलिक सप्लीमेंट एवं नेशनल डिवार्मिंग डे की भी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि आयुष्मान योजना के तहत सभी स्कूली बच्चों का आयुष्मान कार्ड बनाया जाए। इसके अलावा किसी कारणवश स्कूली बच्चों के मृत्यु उपरांत इंश्योरेंस क्लेम की सारी प्रक्रिया शिक्षा विभाग द्वारा अतिशीघ्र पूर्ण किया जाए।

इस दौरान उन्होंने रसोईयां सह सहायकों का मानदेय, मध्यान्ह भोजन की प्रस्तावित मीनू, किचन डिवाईस एवं किचन सह भण्डार, किचन शेड की स्थिति, किचन गार्डन, योजना का सामाजिक अंकेक्षण, ऑटोमेटिक मॉनिटरिंग सिस्टम की भी समीक्षा की। 

इस अवसर पर डिप्टी कलेक्टर  महेश शर्मा, डीपीओ  एल.आर.कच्छप, डीआईओ डॉ.भानू पटेल, प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी  तरसिला एक्का, सहायक खाद्य अधिकारी राबिया खान, प्राचार्य राजेश डेनियल सहित समिति के सदस्य उपस्थित रहे।


*मध्यान्ह भोजन के चावल को अच्छे से धोकर पकाएं*
कलेक्टर  गोयल ने कहा कि पीडीएस से प्राप्त मध्यान्ह भोजन के चावल को अच्छे से साफ करके एवं धोकर पकाएं ताकि बच्चों को सही आहार मिल सके। उन्होंने सभी बीईओ को शालाओं को निर्देशित करने के निर्देश दिए कि मध्यान्ह भोजन के लिए उपयोग में लाए जाने वाले चावल को कर कम से कम तीन से चार बार धोए।

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