रासायनिक खाद की कालाबाजारी करने वाले जेल जाएंगे

Picture of Deepak Mittal

Deepak Mittal

सरकार को है किसानों के हितों की चिंता: कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम

उर्वरक की नहीं होगी कमी, जैविक खेती के लिए किसानों को रहे हैं प्रोत्साहित

अधिकारियों को नवाचार और फसल परिवर्तन पर जोर देने के निर्देश

विकसित भारत संकल्प अभियान 5 मई से 20 मई तक: अधिकारियों को प्राथमिकता और गंभीरता से सहभागी बनने के निर्देश

कृषि मंत्री ने रायपुर और दुर्ग संभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर विभागीय योजनाओं एवं खरीफ तैयारियों की गहन समीक्षा

रायपुर, 07 अप्रैल 2026/छत्तीसगढ़ में रासायनिक उर्वरकों की कालाबाजारी करने वालों पर अब सख्त कार्रवाई तय है। कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि खाद की जमाखोरी या अधिक मूल्य पर बिक्री करने वालों पर सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं गड़बड़ी पाए जाने पर सीधे जेल भी भेजे जाएंगे। उन्होंने कहा कि पश्चिमी एशिया संकट के कारण रासायनिक उर्वरकों की कमी की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए सरकार पूरी तरह सजग है। खाद की कमी नहीं होगी। इसके साथ ही किसानों को जैविक खेती के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में आपूर्ति और बेहतर होगी, इसलिए किसानों को किसी भी प्रकार से घबराहट या पैनिक होने की आवश्यकता नहीं है। कृषि मंत्री श्री नेताम ने आज इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर स्थित समेति कक्ष में रायपुर और दुर्ग संभाग के अधिकारियों की आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान इस आशय के वक्तव्य दिए। मंत्री श्री नेताम ने बताया कि राज्य सरकार खरीफ 2026 की तैयारियों को लेकर पूरी तरह सक्रिय है और उर्वरक उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है। जिलों के संबंधित विभागीय अमले को नियमित एवं आकस्मिक निरीक्षण के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी स्तर पर अनियमितता सामने आते ही तत्काल कार्रवाई की जा सके। श्री नेताम ने बैठक में आगामी 5 मई से 20 मई तक पूरे प्रदेश में “विकसित भारत संकल्प अभियान” की तैयारियों की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि इस अभियान के तहत कृषि वैज्ञानिकों, विभागीय अधिकारियों और मैदानी अमले की टीम गांव-गांव जाकर किसानों, किसान समूहों और संगठनों से सीधे संवाद करेगी। इस दौरान किसानों को उन्नत कृषि तकनीकों, वैकल्पिक उर्वरकों और आधुनिक खेती के तरीकों की जानकारी दी जाएगी। अभियान के दौरान कृषि के साथ-साथ अन्य विभाग जैसे-मछली पालन, उद्यानिकी, पशुपालन, कृषि विज्ञान केन्द्र के विशेषज्ञ भाग लेंगे, जिसमें विभिन्न विभागीय योजनाओं का प्रचार-प्रसार तथा विभागीय प्रकरण तैयार करने हेतु निर्देशित किया। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अभियान को प्राथमिकता और गंभीरता के साथ संचालित किया जाए, ताकि अधिक से अधिक किसानों तक योजनाओं का लाभ पहुंच सके। उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल जागरूकता तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि मौके पर ही किसानों की समस्याओं का समाधान और योजनाओं से जोड़ने की प्रक्रिया भी सुनिश्चित की जाएगी। बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि पिछले वर्ष डीएपी की आपूर्ति में आई बाधाओं को देखते हुए इस बार एनपीके, एसएसपी और अन्य वैकल्पिक उर्वरकों के उपयोग को बढ़ावा दिया जाएगा। साथ ही जैविक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। सरकार का फोकस केवल उर्वरक उपलब्धता तक सीमित नहीं है, बल्कि खेती को अधिक टिकाऊ, लाभकारी और आधुनिक बनाने पर है। किसानों की आय बढ़ाने और लागत घटाने के उद्देश्य से दलहन, तिलहन और अन्य वैकल्पिक फसलों को बढ़ावा देने की रणनीति पर भी तेजी से काम किया जा रहा है। बैठक में फार्मर आई डी के तहत एग्रीस्टैक पोर्टल में पंजीयन हेतु शेष बचे हुए कृषकों का एक सप्ताह के भीतर पंजीयन करने हेतु निर्देश दिए गए ताकि कोई भी किसान पी.एम.किसान योजना से लाभान्वित होने से वंचित न रहे। उन्होंने खरीफ सीजन में किसानों को सुगमतापूर्वक उर्वरक व्यवस्था हेतु दूरस्थ अंचलों में प्राथमिकता के आधार पर उर्वरक का भण्डारण करने हेतु निर्देशित किया। मंत्री श्री नेताम ने विभागीय योजनाओं में वर्ष 2025-26 में हुए व्यय की समीक्षा के दौरान विशेष रूप से फसल प्रदर्शन योजना एवं ग्रीष्मकालीन धान के बदले दलहन-तिलहन को बढावा देने हेतु समीक्षा की, जिसमें रायपुर संभाग के अधीन जिलों में और अधिक प्रयास कर ग्रीष्मकालीन धान के रकबे को कम करके दलहन तिलहन एवं मक्का फसल को बढावा देने हेतु निर्देशित किया गया साथ ही धमतरी जिले में विगत् दो वर्षाे में दलहन तिलहन के रकबे में वृद्धि पर प्रसन्नता व्यक्त की गई तथा अन्य जिलों में भी दलहन एवं तिलहन के रकबे में वृद्धि करने हेतु निर्देशित किया गया। मंत्री श्री नेताम ने रायपुर और दुर्ग संभाग के पी.एम.आशा की समीक्षा के दौरान पाया कि धमतरी जिले को छोडकर अन्य जिलों में प्रगति नगण्य है आगामी एक सप्ताह के भीतर मार्कफेड, नाफेड एवं समिति स्तर पर समन्वय करके दलहन तिलहन की खरीदी हेतु और अधिक प्रयास करने पर बल दिया। मंत्री श्री नेताम ने बैठक में वाटर बॉडी में मखाना एवं सिंघाडा की खेती के लिए उद्यानिकी विभाग को विशेष कार्ययोजना बना कर कृषक एवं कृषक समूहों से आवश्यक चर्चा कर उन्हें प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। उन्होंने मखाना की खेती हेतु जिला धमतरी में किए गए कार्य की सराहना की गई। मखाना की खेती के साथ-साथ मछली पालन के लिए किसानों को जागरूक करने निर्देश दिए। बैठक में कृषि उत्पादन आयुक्त श्रीमती शहला निगार, कृषि, छत्तीसगढ़ राज्य बीज निगम के संचालक श्री अजय अग्रवाल, मत्स्य पालन विभाग के संचालक श्री एस.एस. नाग, पशुधन विकास विभाग के संचालक श्री चन्द्रकांत वर्मा, उद्यानिकी विभाग के संचालक श्री लोकेश चन्द्राकर, रायपुर के संयुक्त संचालक श्री गयाराम और दुर्ग की संयुक्त संचालक श्रीमती गोपिका गबेल सहित जिले एवं राज्य के अधिकारी उपस्थित थे।

Deepak Mittal
Author: Deepak Mittal

Leave a Comment

August 2026
S M T W T F S
 1
2345678
9101112131415
16171819202122
23242526272829
3031  

Leave a Comment