रेहड़ी-पटरी वालों के लिए वरदान बनी मोदी सरकार की ये योजना, 50,000 तक लोन के साथ मिलेगा क्रेडिट कार्ड!

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केंद्र सरकार की नरेंद्र मोदी सरकार ने छोटे व्यापारियों और रेहड़ी-पटरी वालों के लिए कई ऐसी योजनाएं शुरू की हैं, जो उनके सपनों को सच करने में मदद कर रही हैं। ऐसी ही एक शानदार योजना है प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि (PM SVANidhi) । इस योजना के तहत न सिर्फ आसान लोन मिलता है, बल्कि अब रेहड़ी-पटरी वालों को क्रेडिट कार्ड भी दिया जाएगा।

आइए, इस योजना के बारे में और जानते हैं कि ये कैसे आपके लिए गेम-चेंजर साबित हो सकती है!

लोन की राशि में इजाफा

हाल ही में केंद्र सरकार ने PM SVANidhi योजना के तहत लोन की सीमा को और बढ़ा दिया है। अब पहली किस्त में 10,000 की जगह 15,000 रुपये का लोन मिलेगा। दूसरी किस्त की राशि भी 20,000 से बढ़ाकर 25,000 रुपये कर दी गई है। वहीं, तीसरी किस्त पहले की तरह 50,000 रुपये की रहेगी। ये बढ़ोतरी छोटे व्यापारियों को अपने कारोबार को और मजबूत करने में मदद करेगी।

क्रेडिट कार्ड का तोहफा

सरकार ने एक और बड़ा ऐलान किया है। जो रेहड़ी-पटरी वाले अपना दूसरा लोन समय पर चुका देंगे, वे RuPay क्रेडिट कार्ड के लिए पात्र होंगे। इस क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल वे अपनी कारोबारी और निजी जरूरतों को पूरा करने के लिए कर सकेंगे। इतना ही नहीं, डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने एक खास ऑफर भी रखा है। अगर विक्रेता डिजिटल पेमेंट (जैसे UPI) का इस्तेमाल करते हैं, तो उन्हें 1,600 रुपये तक का प्रोत्साहन भी मिलेगा।

योजना की वैधता और विस्तार

PM SVANidhi योजना पहले 31 दिसंबर, 2024 तक के लिए थी, लेकिन अब इसे और बढ़ा दिया गया है। अगस्त में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 7,332 करोड़ रुपये के बजट के साथ इस योजना को 31 मार्च, 2030 तक के लिए मंजूरी दी है। इस विस्तार का मकसद 50 लाख नए रेहड़ी-पटरी वालों सहित कुल 1.15 करोड़ लाभार्थियों तक इसका लाभ पहुंचाना है। इस योजना को आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय और वित्तीय सेवा विभाग मिलकर लागू करेंगे।

योजना का संचालन और उद्देश्य

आवास और शहरी कार्य मंत्रालय इस योजना को संचालित करेगा, जबकि वित्तीय सेवा विभाग बैंकों और वित्तीय संस्थानों के जरिए लोन और क्रेडिट कार्ड की सुविधा को आसान बनाएगा। बता दें कि इस योजना की शुरुआत 1 जून, 2020 को कोविड-19 महामारी के दौरान हुई थी। उस वक्त रेहड़ी-पटरी वालों को आर्थिक मुश्किलों से उबारने के लिए सरकार ने यह कदम उठाया था। आज यह योजना लाखों छोटे व्यापारियों के लिए उम्मीद की किरण बन चुकी है।

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Author: Deepak Mittal

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