साय कैबिनेट की बैठक में लिए गए यह महत्वपूर्ण निर्णय

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए –

1. मंत्रिपरिषद ने ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार, सशक्तीकरण, विभागीय योजनाओं के अभिसरण और डिजिटल सुशासन को बढ़ावा देने के लिए आज एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए *’’विकसित भारत – रोजगार और आजीविका के लिये गारंटी मिशन (ग्रामीण) : वीबी-जी राम जी योजना* छत्तीसगढ़’’ के प्रारूप का अनुमोदन किया है। भारत सरकार के अधिनियम, 2025 के अनुरूप लागू की जा रही इस योजना के तहत पात्र ग्रामीण परिवारों के वयस्क सदस्यों को प्रत्येक वित्तीय वर्ष में 125 दिवस अकुशल श्रम आधारित रोजगार की वैधानिक गारंटी प्रदान की जाएगी।

इस योजना के तहत जल संरक्षण, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, ग्रामीण आधारभूत संरचना निर्माण, आजीविकामूलक परिसंपत्तियों के विकास तथा ग्रामीण क्षेत्रों में टिकाऊ रोजगार के अवसर सृजित किए जाएंगे। इस योजना के अंतर्गत ग्राम पंचायत आधारित समेकित विकास, विभागीय योजनाओं के अभिसरण तथा पीएम गति शक्ति से समन्वय को बढ़ावा मिलेगा। विकास कार्यों की बेहतर कार्ययोजना एवं निगरानी के लिए आधुनिक तकनीक और डिजिटल प्रणालियों का उपयोग करते हुए पारदर्शिता, सुशासन एवं जवाबदेही को सुदृढ़ किया जाएगा।

इस योजना के क्रियान्वयन में केंद्र एवं राज्य के व्यय का अनुपात 60ः40 रहेगा तथा वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राज्य बजट में 4,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

2. मंत्रिपरिषद की बैठक में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित करने के उद्देश्य से *’’अटल आजीविका समृद्धि हाट’’* योजना प्रारंभ करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। इस योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में सृजन केंद्र (हथकरघा, बुनाई-सिलाई, हस्तशिल्प आदि), प्रसंस्करण इकाइयां (दलहन, तिलहन, राइस मिल, डेयरी आदि), सेवा केंद्र (कोल्ड स्टोरेज, सोलर ड्रायर, कृषि उपकरण मरम्मत, अटल डिजिटल केंद्र आदि), विपणन केंद्र तथा आपूर्ति केंद्र स्थापित किए जाएंगे।

इस योजना का उद्देश्य उपलब्ध अधोसंरचना और मशीनरी का बेहतर उपयोग करते हुए स्थानीय उत्पादन, प्रसंस्करण, सेवा और विपणन गतिविधियों को बढ़ावा देना है। इससे ग्रामीणों को अपने क्षेत्र में ही रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर मिलेंगे तथा स्थानीय उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध होगा। योजना के क्रियान्वयन के लिए छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन को नोडल एजेंसी तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को नोडल विभाग बनाया गया है।

*’’अटल आजीविका समृद्धि हाट’’* के माध्यम से कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, सेवा व्यवसाय, डिजिटल तकनीक, हरित ऊर्जा तथा ग्रामीण बाजारों को नई गति मिलेगी और प्रदेश की ग्रामीण आजीविका को मजबूत आधार प्राप्त होगा।

3. मंत्रिपरिषद ने आज *“छत्तीसगढ़ कम्प्रेस्ड बायोगैस नीति (CG-CBG Policy), 2026”* के प्रारूप का भी अनुमोदन किया है। इस नीति के माध्यम से राज्य में उपलब्ध कृषि अवशेष, नगरीय ठोस अपशिष्ट, पशुधन अपशिष्ट एवं अन्य जैविक संसाधनों का वैज्ञानिक प्रबंधन कर उन्हें स्वच्छ गैसीय ईंधन कम्प्रेस्ड बायोगैस में परिवर्तित किया जाएगा।

इस नीति से अपशिष्ट प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण, ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में कमी, जैव उर्वरक उत्पादन तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। छत्तीसगढ़ अंजोर विजन 2047 के अनुसार राज्य में लगभग 5 लाख टन प्रतिवर्ष CBG उत्पादन की संभावना है। इस नीति के क्रियान्वयन हेतु छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल विकास प्राधिकरण को राज्य नोडल एजेंसी तथा ऊर्जा विभाग को आवश्यक दिशा-निर्देश और प्रशासनिक आदेश जारी करने के लिए अधिकृत किया गया है।

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