बिलासपुर :बिलासपुर जिले के रतनपुर थाने में पदस्थ दो आरक्षकों द्वारा शराब जब्ती के नाम पर शर्मनाक घोटाला सामने आया है। न सिर्फ जब्त की गई शराब को गुपचुप बेच डाला, बल्कि गांव वालों से शर्मिंदगी झेलनी पड़ी और माफी तक मांगनी पड़ी।
क्या है पूरा मामला?
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स्थान: कुंआजती गांव, थाना रतनपुर
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पुलिसकर्मी: संजय खांडे और सुदर्शन मरकाम
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गिरफ्तारी: 50 लीटर देशी शराब के साथ एक कोचिया गिरफ्तार
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भ्रष्टाचार: रास्ते में कोचिए से ₹40,000 लिए और छोड़ दिया
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साजिश: जब्त शराब को एक दूसरे कोचिए को बेचने पहुंच गए
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फुल एक्सपोज़: गांव वालों ने शराब ले जा रहे युवकों को पकड़ लिया, और पूछताछ में पुलिस की करतूत उजागर हो गई
गांव की पंचायत में माफी मांगनी पड़ी!
जब गांव वालों ने इस घोटाले का स्थानीय स्तर पर निपटारा करने का प्रयास किया, तब पंचायत में सरपंच, उपसरपंच और पंचों के सामने दोनों आरक्षकों को बुलाया गया।
हालांकि वे पहले गांव आने से आनाकानी कर रहे थे, लेकिन शिकायत की धमकी के बाद दोनों पहुंचे और हाथ जोड़कर माफी मांगी।
SSP ने लिया सख्त एक्शन:
बिलासपुर एसएसपी रजनेश सिंह ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए दोनों आरक्षकों को तत्काल निलंबित कर दिया है।
???? पुलिसिया वर्दी की आड़ में भ्रष्टाचार की यह करतूत, पूरे जिले में चर्चा का विषय बन गई है।
जवाब चाहिए:
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जब पुलिस ही शराब माफिया से मिल जाए, तो जनता किस पर भरोसा करे?
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क्या माफी मांग लेना ही काफी है?
Author: Deepak Mittal










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