बिलासपुर: गरीबों को पक्का मकान दिलाने वाली प्रधानमंत्री आवास योजना को ठगी का हथियार बनाकर लोगों से लाखों की धोखाधड़ी करने वाले तीन सदस्यीय गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ कर दिया है। सिविल लाइन थाना पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 2.56 लाख रुपए कीमत के सोने-चांदी के जेवरात, 4500 रुपए नकद और एक बाइक जब्त की है। गिरोह अब तक शहर के अलग-अलग इलाकों में चार ठगी की वारदातों को अंजाम दे चुका था।
ऐसे फंसाते थे बुजुर्गों को जाल में
टीआई सुम्मत साहू के मुताबिक, आरोपी खासतौर पर 60 साल से अधिक उम्र के कम पढ़े-लिखे बुजुर्गों को निशाना बनाते थे। वे खुद को सरकारी योजना से जुड़ा बताते हुए पीएम आवास या इंदिरा आवास योजना के तहत ढाई लाख रुपए या उससे अधिक राशि दिलाने का झांसा देते थे। इसके बाद पीड़ितों को बैंक या तहसील कार्यालय ले जाकर बाहर खड़ा कर देते और खुद अंदर जाने का नाटक करते।
कुछ देर बाद लौटकर कहते कि पैसा स्वीकृत हो गया है, लेकिन “जमानत” के तौर पर गहने जमा करने होंगे। भरोसे में आए लोग अपने सोने-चांदी के जेवरात सौंप देते और आरोपी मौके से फरार हो जाते।
CCTV से खुला राज
पीएम आवास योजना के नाम पर लगातार मिल रही शिकायतों के बाद पुलिस ने सख्ती दिखाई। सिविल लाइन थाना क्षेत्र के CCTV फुटेज खंगाले गए, जिसमें हर वारदात में दो लोग एक ही बाइक से आते-जाते दिखे। पीड़ितों के बताए हुलिए से मिलान के बाद रामप्रसाद यादव (65), जितेंद्र यादव (38) और कन्हैया सोनी (45) को दबोच लिया गया।
पूछताछ में आरोपियों ने जानकी भट्ट, उषा साहू, अगमदास टंडन और शांति बाई यादव से ठगी करना कबूल किया। बरामद जेवरात गनियारी निवासी कन्हैया सोनी के पास गिरवी रखे गए थे।
जेल पहुंचे आरोपी
पुलिस ने तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि सरकारी योजनाओं के नाम पर ठगी करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
यह मामला एक बार फिर चेतावनी देता है कि सरकारी योजना के नाम पर मिलने वाले किसी भी लालच में आने से पहले पूरी जांच जरूरी है, वरना मेहनत की कमाई पलभर में ठगों के हाथ लग सकती है।
Author: Deepak Mittal










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