कलेक्टोरेट स्थित कैंटिन में दुध गंगा का प्रथम अधिकृत वितरण केद्र प्रारंभ..

Picture of Deepak Mittal

Deepak Mittal

(दीपक मित्तल प्रधान संपादक) बालोद : कलेक्टर  इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल ने आज स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कलेक्टोरेट परिसर स्थित कैंटिन में गंगा मैया दूध उत्पादक एवं प्रसंस्करण सहकारी समिति मर्यादित बालोद के ’दूध गंगा’ के प्रथम अधिकृत वितरण केन्द्र का शुभारंभ किया।

कलेक्टोरेट परिसर स्थित कैंटिन में वितरण केन्द्र प्रारंभ होने से अब कलेक्टोरेट के अधिकारी-कर्मचारियों के अलावा अपने काम के सिलसिले में कलेक्टोरेट आने वाले कर्मचारियों को दुध गंगा के शुद्ध उत्पाद मिल सकेगा।

इसके शुरू हो जाने से कलेक्टोरेट परिसर के कैंटिन में अब अधिकारी-कर्मचारियों के साथ-साथ आम नागरिकों को भी वाजिब एवं कम दर पर कुल्हड़ दही, खीरकदम, रबड़ी, रसमलाई, मिनी पेड़ा, काजू कतली आदि मिठाईयां आसानी से प्राप्त हो जाएगा।


कलेक्टर श्री चन्द्रवाल ने वितरण केंद्र का शुभांरभ करने के पश्चात् स्व सहायता समूह के महिलाओं के द्वारा संचालित कैंटिन का भी निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर उपस्थित पशुधन विकास विभाग के अधिकारियों एवं स्व सहायता समूह की महिलाओं से कैंटिन में उपलब्ध दूध गंगा के उत्पादों के संबंध में जानकारी ली।

कलेक्टर श्री चन्द्रवाल ने कलेक्टोरेट परिसर में ’दूध गंगा’ के प्रथम अधिकृत वितरण केन्द्र के शुभारंभ होने पर सराहना व्यक्त करते हुए कैंटिन का संचालन करने वाले स्व सहायता समूह के महिलाओं का मुँह मीठा कराकर उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दी। इस दौरान श्री चन्द्रवाल ने कैंटिन के रसोई का भी निरीक्षण किया।


उल्लेखनीय है कि कलेक्टर  इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल के निर्देशानुसार गंगा मैया दूध उत्पादक एवं प्रसंस्करण सहकारी समिति द्वारा संचालित ’दूध गंगा’ को नये एवं आधुनिक स्वरूप में लाए जाने हेतु बेहतर प्रयास किए जा रहे हंै। जिसमे नये एवं आकर्षक पैक्जिंग, नए लोगो, डिजाइन एवं टैगलाइन जैसे कार्य किए गए है।

जिससे प्रदेश में ब्रांड के रूप में विशेष पहचान बनाया जा सके। दूध गंगा के उत्पाद को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के उद्देश्य से दूध गंगा द्वारा रुचि की अभिव्यक्ति भी जारी की जा रही है।

जिससे की स्वरोजगार के माध्यम से व्यवसाय के लिए आवेदन कर अधिकृत समिति के केंद्र स्थापित कर सकेंगे। इसके अंतर्गत तीन मॉडल के आधार पर आवेदन मगाये गए हैं जिसमे पहला वितरण मॉडल, दूसरा किओस (गुमटी) एवं तीसरा फ्रैचाइसी मॉडल है। जिसके लिए आवेदक किसी भी एक मॉडल के लिए आवेदन कर सकते है।

Deepak Mittal
Author: Deepak Mittal

Leave a Comment

Leave a Comment