सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ की निलंबित आईएएस अधिकारी सौम्या चौरसिया को कोयला घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अंतरिम जमानत दी है। चौरसिया, जो पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की उप सचिव रह चुकी हैं, पिछले 1 साल 9 महीने से हिरासत में थीं।
अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा आरोप पत्र दाखिल किए बिना लंबी हिरासत पर गंभीर आपत्ति जताई। कोर्ट ने कहा कि इतने लंबे समय तक बिना आरोप पत्र के हिरासत में रखना अनुचित है।
न्यायमूर्ति सूर्य कांत, दीपांकर दत्ता और उज्जल भुइयां की पीठ ने चौरसिया की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए उन्हें शर्तों के साथ अंतरिम जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया।
चौरसिया की जमानत के साथ कुछ कड़ी शर्तें लगाई गई हैं, जैसे ट्रायल कोर्ट की सभी सुनवाइयों में उपस्थित रहना, गवाहों को प्रभावित न करना, सबूतों से छेड़छाड़ न करना, पासपोर्ट जमा करना और बिना अनुमति के देश न छोड़ना।
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह जमानत उनकी सरकारी सेवा में बहाली का आधार नहीं बनेगी, और वह निलंबित रहेंगी।
अगली सुनवाई की तारीख 26 अक्टूबर, 2024 निर्धारित की गई है।
Author: Deepak Mittal










Total Users : 8165845
Total views : 8191959