रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि पंचायत प्रतिनिधियों के अध्ययन भ्रमण से ग्रामीण विकास को नई दिशा मिलेगी और छत्तीसगढ़ की पंचायत राज व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी। मुख्यमंत्री आज मुख्यमंत्री निवास से राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के तहत बस्तर संभाग के जिला पंचायतों के निर्वाचित प्रतिनिधियों के दल को प्रशिक्षण सह अध्ययन भ्रमण के लिए रवाना कर रहे थे। उन्होंने दो बसों को हरी झंडी दिखाकर दल को रवाना किया और सभी प्रतिनिधियों को सफल व सुरक्षित यात्रा की शुभकामनाएं दीं।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस अध्ययन भ्रमण के माध्यम से पंचायत प्रतिनिधियों को अन्य राज्यों की बेहतर कार्यप्रणालियों और नवाचारों की जानकारी मिलेगी, जिसका सीधा लाभ छत्तीसगढ़ के ग्रामीण विकास को मिलेगा। उन्होंने बताया कि यह भ्रमण बहुउद्देशीय है, जिसमें सांस्कृतिक आदान-प्रदान, संवाद, विचार-विमर्श तथा पंचायत प्रतिनिधियों के दायित्वों और ग्रामीण विकास से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी साझा की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधियों से अपील की कि वे अन्य राज्यों के प्रतिनिधियों को छत्तीसगढ़, विशेषकर बस्तर की पहचान से भी अवगत कराएं। उन्होंने राज्य के पर्यटन, संस्कृति, जनहितैषी व विकासमूलक योजनाओं, सुशासन और पारदर्शी शासन व्यवस्था की जानकारी साझा करने पर जोर दिया।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने भी पंचायत प्रतिनिधियों को एक्सपोजर विजिट के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि इस तरह के अध्ययन भ्रमण से पंचायत राज व्यवस्था अधिक सशक्त, प्रगतिशील और विकासोन्मुख बनेगी।
उल्लेखनीय है कि भारत सरकार के पंचायती राज मंत्रालय द्वारा संचालित राष्ट्रीय ग्राम स्वराज योजना के अंतर्गत बस्तर संभाग के जिला पंचायतों के निर्वाचित प्रतिनिधियों को महाराष्ट्र की पंचायत राज व्यवस्था के अध्ययन के लिए 18 जनवरी से 23 जनवरी 2025 तक मुंबई भेजा जा रहा है। प्रथम चरण में 60 पंचायत प्रतिनिधि और नोडल अधिकारी इस प्रशिक्षण सह अध्ययन भ्रमण में शामिल हैं। भ्रमण के दौरान प्रशिक्षण सत्रों के साथ महाराष्ट्र की उत्कृष्ट पंचायतों का दौरा भी कराया जाएगा। आगामी चरणों में राज्य के अन्य संभागों के जिला पंचायत प्रतिनिधियों को भी क्रमवार ऐसे अध्ययन भ्रमण पर भेजा जाएगा।
Author: Deepak Mittal










Total Users : 8162745
Total views : 8187286