जे के मिश्र
जिला ब्यूरो चीफ
नवभारत टाइम्स24*7in बिलासपुर
बिलासपुर। स्मार्ट मीटर से जुड़ी भारी-भरकम बिजली बिलों की मार ने बिलासपुर के बेलगहना क्षेत्र की महिलाओं को इस कदर झकझोर दिया कि वे गुस्से में बिजली ऑफिस का घेराव करने पहुँच गईं। सितंबर माह में बेलगहना पंचायत के दर्जनों गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को आए 20 हजार से लेकर 50 हजार रुपये तक के बिजली बिल ने कोहराम मचा दिया। इससे नाराज़ महिलाओं ने विभाग की मनमानी और लापरवाही के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया और यहां तक कि सामूहिक आत्महत्या की चेतावनी तक दे डाली।
भारी बिलों ने बिगाड़ी गरीब परिवारों की कमर
गायत्री बाई गंगानगर ने बताया कि हर महीने बिल पटाने के बावजूद उन्हें इस बार 32 हजार रुपये का बिल थमा दिया गया है। नवदिया बाई को 20 हजार का बिल मिला है। वहीं बाई प्रजापति ने तंज कसते हुए कहा, “सरकार एक हजार की वृद्धावस्था पेंशन देती है और बिजली विभाग 20 हजार का बिल थमा देता है। हम रोज़ 150 रुपये कमाने वाले लोग घर चलाएं या बिजली विभाग का मनमाना बिल भरें?”
बिलों को लेकर महिलाओं का उग्र प्रदर्शन
शनिवार को दोपहर करीब 12 बजे सैकड़ों महिलाएं तख्तियां लेकर बिजली दफ्तर पहुंचीं और नारेबाजी की – “स्मार्ट मीटर बंद करो”, “मनमाना बिल बंद करो”, “बिजली विभाग होश में आओ”। मौके पर जमकर हंगामा हुआ और महिलाएं अंदर कार्यालय तक घुस आईं।
बिजली विभाग का पलटवार – ‘बिल सही है’
बिजली विभाग के बाबू दुबे ने कहा कि मामले की जांच के लिए टीम भेजी जाएगी और यदि कोई गड़बड़ी पाई गई तो उसे सुधारा जाएगा। उनका कहना है कि इस माह से ‘बिल हाफ योजना’ को सिर्फ 100 यूनिट तक सीमित कर दिया गया है। 100 यूनिट से ज्यादा खपत पर पूरा बिल लिया जा रहा है, जिससे उपभोक्ताओं को अधिक बिल महसूस हो रहा है।
विभाग की लापरवाही पर फूटा महिलाओं का गुस्सा
महिलाओं का आरोप है कि खपत से कई गुना ज्यादा बिल भेजा जा रहा है। उन्होंने चेताया कि यदि जल्द समाधान नहीं किया गया तो पूरा बेलगहना पंचायत जन आंदोलन छेड़ेगा। महिलाओं ने विभाग की गैर-जवाबदेही और लापरवाह रवैये को अब असहनीय बताया है।
पूर्व मंडी अध्यक्ष संदीप शुक्ला ने भी जताई चिंता
पूर्व मंडी अध्यक्ष संदीप शुक्ला ने कहा कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद से हर घर से शिकायत आ रही है। गरीब जनता के सामने अब यह संकट है कि वे बच्चों को खाना खिलाएं या बिजली का 50 हजार का बिल चुकाएं – यह बहुत बड़ा सवाल बन गया है।
सामूहिक आंदोलन की चेतावनी
महिलाओं ने साफ कहा कि यह आंदोलन सिर्फ उनके लिए नहीं, बल्कि पूरे बेलगहना पंचायत के लिए है। स्मार्ट मीटर की आड़ में गरीबों और मध्यमवर्गीयों का शोषण किया जा रहा है। यदि प्रशासन समय रहते कार्रवाई नहीं करता, तो बेलगहना से एक बड़ी चिंगारी उठ सकती है जो पूरे जिले में फैल सकती है।
Author: Deepak Mittal










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