भारत के लिए खेलने वाली सबसे युवा क्रिकेटर शेफाली वर्मा, अपने आदर्श का रिकॉर्ड तोड़ रचा इतिहास

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दिल्ली: क्रिकेट को संभावनाओं और किस्मत का खेल कहा जाता है, जहां मौके का सही इस्तेमाल करने वाले खिलाड़ी हीरो बन जाते हैं। ऐसी ही एक कहानी है भारतीय महिला क्रिकेट टीम की स्टार खिलाड़ी शेफाली वर्मा की, जिन्होंने कम उम्र में ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी अलग पहचान बना ली। शेफाली भारत के लिए खेलने वाली सबसे युवा क्रिकेटर (पुरुष और महिला) हैं और उन्होंने यह उपलब्धि अपने आदर्श सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़कर हासिल की।

शेफाली वर्मा का जन्म 28 जनवरी 2004 को हरियाणा के रोहतक में हुआ। क्रिकेट उनके परिवार का हिस्सा रहा है। उनके पिता संजीव वर्मा खुद भारत के लिए खेलना चाहते थे, लेकिन पारिवारिक जिम्मेदारियों के चलते उनका सपना अधूरा रह गया। हालांकि, उन्होंने अपने बच्चों को क्रिकेट खेलने के लिए हमेशा प्रोत्साहित किया। शेफाली अपने बड़े भाई और छोटी बहन के साथ क्रिकेट खेलते हुए ही बड़ी हुईं।

बचपन से ही शेफाली का क्रिकेट के प्रति जुनून अलग नजर आता था। घंटों नेट्स में अभ्यास, फिटनेस पर खास ध्यान और खेल को लेकर समर्पण उनकी पहचान बना। सचिन तेंदुलकर को अपना आदर्श मानने वाली शेफाली ने उनकी बल्लेबाजी के वीडियो देखकर अपनी आक्रामक शैली को निखारा। दाएं हाथ की सलामी बल्लेबाज शेफाली का सपना देश के लिए खेलना था, जो बेहद कम उम्र में पूरा हो गया।

महज 15 साल 239 दिन की उम्र में शेफाली ने भारत के लिए टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू किया और इस तरह सबसे कम उम्र में भारत के लिए खेलने का रिकॉर्ड बनाया। उन्होंने अपने आदर्श सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ा, जिन्होंने 16 साल 238 दिन की उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया था। शेफाली तीनों फॉर्मेट में भारत की ओर से डेब्यू करने वाली (पुरुष और महिला) सबसे युवा क्रिकेटर भी हैं।

डेब्यू के बाद से शेफाली लगातार भारतीय टीम का हिस्सा बनी रहीं। हालांकि महिला वनडे विश्व कप 2025 से पहले खराब फॉर्म के कारण उन्हें टीम में जगह नहीं मिल पाई थी। सेमीफाइनल से ठीक पहले प्रतिका रावल के चोटिल होकर बाहर होने के बाद शेफाली को टीम में शामिल किया गया। फाइनल में उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ बल्ले और गेंद दोनों से शानदार प्रदर्शन किया। शेफाली ने 78 गेंदों में 87 रन बनाने के साथ ही 7 ओवर में 36 रन देकर 2 विकेट झटके और ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ रहीं। उनके इस प्रदर्शन की बदौलत भारत पहली बार महिला वनडे विश्व कप का खिताब जीतने में सफल रहा।

शेफाली का यह प्रदर्शन भारतीय महिला क्रिकेट के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज हो गया है। अब तक के करियर में उन्होंने 5 टेस्ट मैचों में 1 शतक और 3 अर्धशतकों की मदद से 567 रन बनाए हैं, जिसमें उनका सर्वोच्च स्कोर 205 रन है। वहीं 31 वनडे मैचों में उन्होंने 741 रन और 95 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में 14 अर्धशतकों के साथ 2,462 रन बनाए हैं।

महज 22 साल की उम्र में शेफाली वर्मा भारतीय क्रिकेट की बड़ी रोल मॉडल बन चुकी हैं। उनका करियर अभी लंबा है और आने वाले समय में महिला क्रिकेट में कई बड़े रिकॉर्ड उनके नाम हो सकते हैं।

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Author: Deepak Mittal

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