बेल्लारी हिंसा में सनसनीखेज मोड़! कांग्रेस विधायक के बॉडीगार्ड की गोली से हुई थी कार्यकर्ता की मौत

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बेल्लारी: कर्नाटक के बेल्लारी में कांग्रेस और बीजेपी समर्थकों के बीच हुई हिंसक झड़प अब सियासी विवाद से आगे बढ़कर गंभीर आपराधिक खुलासे की ओर बढ़ गई है। इस झड़प में मारे गए कांग्रेस कार्यकर्ता राजशेखर की मौत को लेकर बड़ा सच सामने आया है, जिसने पूरे मामले को और भी सनसनीखेज बना दिया है।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक जांच में यह साफ हुआ है कि राजशेखर को लगी गोली किसी विपक्षी नहीं, बल्कि कथित तौर पर कांग्रेस विधायक नारा भरत रेड्डी के निजी बॉडीगार्ड की बंदूक से चली थी।

बॉडीगार्ड की बंदूक से मैच हुई गोली

राजशेखर का पोस्टमार्टम बेल्लारी मेडिकल कॉलेज एंड रिसर्च सेंटर में किया गया। फॉरेंसिक टीम को शव से 12 एमएम सिंगल बोर गोली का हिस्सा मिला। जांच में यह बुलेट फ्रैगमेंट उन कारतूसों से मेल खाता पाया गया, जो विधायक नारा भरत रेड्डी और उनके करीबी निजी व सरकारी अंगरक्षकों की बंदूकों में इस्तेमाल होते हैं।

वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वैज्ञानिक साक्ष्य इसी ओर इशारा कर रहे हैं कि घातक गोली इन्हीं हथियारों में से किसी एक से चली।

पुलिस ने जब्त कीं 5 बंदूकें

घटना के बाद पुलिस ने विधायक भरत रेड्डी और उनके सहयोगियों के निजी व सरकारी गनमैनों की कुल पांच बंदूकें जब्त कर ली हैं। ये हथियार फिलहाल ब्रूसपेट थाना में रखे गए हैं।
फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और पोस्टमार्टम के दौरान बरामद गोली के टुकड़े की इन सभी हथियारों से बैलिस्टिक तुलना की।

दो FIR दर्ज, 64 लोग नामजद

इस मामले में बीजेपी की शिकायत के आधार पर कांग्रेस विधायक नारा भरत रेड्डी और उनके समर्थकों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। बेल्लारी शहर में हुई झड़प को लेकर दो अलग-अलग मामले दर्ज किए गए हैं, दोनों ही ब्रूसपेट थाना क्षेत्र में।

👉 एक मामले में 41 लोगों को नामजद किया गया है
👉 दूसरे मामले में 23 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज हुई है

कुल मिलाकर 64 लोगों के नाम एफआईआर में शामिल हैं।

भाजपा के गंभीर आरोप

भाजपा की शिकायत में आरोप लगाया गया है कि विधायक जनार्दन रेड्डी के घर में घुसपैठ, जातिसूचक टिप्पणी और हमले की कोशिश की गई। आरोपियों में विधायक भरत रेड्डी के साथ-साथ उनके पिता सूर्यनारायण रेड्डी, चाचा प्रताप रेड्डी और करीबी सहयोगी सतीश रेड्डी, चैनाल शेखर, लोकेश अव्वंबावी, गंगाधर सहित कई नाम शामिल हैं।

जांच से बढ़े सियासी भूचाल के आसार

फिलहाल पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी है। जैसे-जैसे फॉरेंसिक रिपोर्ट के और पहलू सामने आएंगे, कर्नाटक की राजनीति में बड़ा भूचाल आना तय माना जा रहा है।
अब सवाल यह है—क्या इस खुलासे के बाद विधायक और उनके सुरक्षाकर्मियों पर सीधे कार्रवाई होगी, या मामला सियासी दबाव में उलझ जाएगा?

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Author: Deepak Mittal

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