ग्राम पंचायत कैलाशपुर के सरपंच हुए निलंबित

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बैकुंठपुर – कोरिया जिले में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह से सख्ती बरत रहा है। कलेक्टर श्रीमती चन्दन त्रिपाठी ने निर्देश दिए हैं कि कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही व अनियमितता बरतने पर सम्बन्धित के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही की जाएगी ।

जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी ने बताया कि सोनहत विकासखण्ड के ग्राम पंचायत कैलाशपुर में कार्य में लापरवाही व अनियमितता के मामले में दोषी पाए जाने पर ग्राम पंचायत के सरपंच श्रीमती रूपवती चेरवा को निलंबित की गई है ।

बता दें जनपद पंचायत सोनहत के अंतर्गत ग्राम “कैलाशपुर में नाली निर्माण में गड़बडी, बिना सरिया व जाली के नाली निर्माण में भारी अनियमितता की खबर प्रकाशित होने पर जिला स्तरीय जांच गठित समिति द्वारा जांच प्रतिवेदन अनुसार ‘उक्त नाली निर्माण में सरिये का प्रयोग नहीं किया गया है, निर्मित नाली गुणवक्ताहीन पाई गई है .

तथा सामग्री मद से 2.56 लाख रुपए का अतिरिक्त मूल्याकंन एवं सत्यापन व मजदूरी मद में 51 हजार रुपए अतिरिक्त भुगतान जैसे गंभीर आर्थिक अनियमितता व लापरवाही बरती गई ।

सीईओ डॉ. चतुर्वेदी ने इस मामले के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि ग्राम पंचायत कैलाशपुर में महात्मा गांधी नरेगा योजना के अंतर्गत पक्की नाली निर्माण का कार्य स्वीकृत किया गया था और इस कार्य के लिए ग्राम पंचायत को निर्माण एजेंसी नियुक्त किया गया था।

नाली निर्माण गुणवत्ताहीन होने की शिकायत पर जिला स्तरीय टीम से अविलंब जांच कराई गई और गुणवत्ताहीन कार्य को तोड़ने के आदेश जारी की गई। साथ ही जांच में दोषी पाए गए ग्राम पंचायत सचिव  रामप्रकाश साहू को तत्काल निलम्बित कर दिया गया तथा तकनीकी सहायक सुरेश कुर्रे को भी पद से पृथक करते हुए अनुविभागीय अधिकारी ग्रामीण यांत्रिकी विभाग को निलंबन की कार्यवाही प्रस्तावित की गई है।

साथ ही उक्त कार्य में घटिया निर्माण सामग्री प्रदाय करने वाले फर्म को काली सूची में दर्ज किया गया है। निर्माण एजेंसी के तौर पर सरपंच को भी अनियमितता का दोषी पाया गया और पंचायती राज अधिनियम की धाराओं के तहत कार्यवाही हेतु विहित प्राधिकारी व सोनहत अनुविभागीय अधिकारी राकेश कुमार साहू ने प्रकरण दर्ज कर छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम 1993 की धारा-39 (1) के प्रावधानों के तहत सरपंच श्रीमती रूपवती चेरवा को इस न्यायालय में संस्थित प्रकरण के निराकृत होने तक ग्राम पंचायत कैलाशपुर के सरपंच पद से तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के आदेश जारी किया गया है ।

गुणवत्ता में कोई समझौता नहीं

सीईओ डॉ. चतुर्वेदी ने कहा कि किसी भी योजना के क्रियान्वयन व निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से समझौता नहीं किया जाएगा और जांच में दोषी पाए जाने पर सम्बन्धितों के विरूद्ध कार्यवाही की जाएगी । उन्होंने सभी निर्माण एजेंसियों को प्रावधान के अनुसार ही निर्माण कार्य समय-सीमा में पूर्ण कराने के निर्देश दिए हैं ।

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Author: Deepak Mittal

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