अमृतसर: अमृतसर के वल्टोहा गांव के सरपंच जरमल सिंह हत्याकांड में पंजाब पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। इस मामले के मुख्य आरोपी शूटर सुखराज सिंह उर्फ गूंगा की पुलिस एनकाउंटर में मौत हो गई, जबकि शूटर की फायरिंग में एक पुलिसकर्मी घायल हो गया। घायल पुलिसकर्मी को अमृतसर के अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी शूटर को हथियार की बरामदगी के लिए अमृतसर के जेठूवाल नहर के पास लाया गया था। इसी दौरान आरोपी ने अचानक पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें शूटर सुखराज सिंह गूंगा को गोली लग गई। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
इससे पहले 12 जनवरी को पंजाब पुलिस ने इस हत्याकांड में शामिल दो आरोपियों को छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान तरनतारन निवासी सुखराज सिंह और कर्मवीर के रूप में हुई थी। दोनों को पंजाब लाकर पुलिस रिमांड पर लिया गया था, जहां पूछताछ के दौरान उन्होंने हत्या की साजिश का खुलासा किया।
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि सरपंच की हत्या किसी निजी रंजिश के कारण नहीं, बल्कि विदेश में बैठे उनके आका और कुख्यात अपराधी प्रभ दासुवाल के निर्देश पर की गई थी।
गौरतलब है कि 4 जनवरी को तरनतारन जिले के वल्टोहा गांव के आम आदमी पार्टी के सरपंच जरमल सिंह अमृतसर के वेरका स्थित मैरी गोल्ड मैरिज पैलेस में एक शादी समारोह में शामिल होने पहुंचे थे। इसी दौरान दो युवक उनके पास आए और बेहद करीब से उनके सिर में गोली मार दी। गंभीर रूप से घायल सरपंच को अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी।
इस सनसनीखेज हत्या के बाद इलाके में भारी तनाव और आक्रोश फैल गया था। राजनीतिक गलियारों में भी इस घटना को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई थीं और राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठे थे। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की कड़ियां जोड़ते हुए अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।
Author: Deepak Mittal









