समृद्ध और खुशहाल किसान–विकसित छत्तीसगढ़ का मजबूत आधार: CM विष्णुदेव साय

Picture of Deepak Mittal

Deepak Mittal

रायपुर।
सावन के पावन महीने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी से देशभर के 9.7 करोड़ से अधिक किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि की 20वीं किश्त के रूप में 20,500 करोड़ रुपये सीधे उनके बैंक खातों में हस्तांतरित किए। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय राजधानी रायपुर स्थित उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय के सभागार से प्रदेश के किसानों के साथ वर्चुअल माध्यम से जुड़े।

प्रधानमंत्री मोदी ने इस विशाल किसान सम्मेलन को संबोधित करते हुए बताया कि वर्ष 2019 से अब तक देश के किसानों को इस योजना के तहत कुल 3.75 लाख करोड़ रुपये सीधे उनके खातों में भेजे जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि सरकार किसान कल्याण के लिए निरंतर प्रयासरत है और पीएम किसान सम्मान निधि इसका सशक्त प्रमाण है।
प्रधानमंत्री ने ‘प्रधानमंत्री धन-धान्य योजना’ के माध्यम से पिछड़े जिलों के कृषि विकास के लिए 24 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान बताया। इसके साथ ही सिंचाई योजनाओं में निवेश कर खेतों तक पानी पहुंचाने और उत्पादन वृद्धि पर भी जोर दिया। प्राकृतिक आपदाओं से किसानों की सुरक्षा के लिए ‘प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना’ का संचालन जारी है। मोदी ने महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण पर भी विशेष बल दिया और कहा कि 1.5 करोड़ से अधिक महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेशवासियों को श्रावण मास की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत छत्तीसगढ़ के लगभग 25 लाख किसानों को अब तक 553 करोड़ 34 लाख रुपये की राशि मिली है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी का किसानों के प्रति समर्पित रवैये के लिए आभार व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार “मोदी की गारंटी” के अनुरूप किसानों की उन्नति के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में किसानों को धान की कीमत 3100 रुपये प्रति क्विंटल दी जा रही है, जिससे उनकी आय मजबूत हो रही है।
सरकार गठन के महज दस दिनों में 3716 करोड़ रुपये की दो वर्ष की बकाया बोनस राशि का भुगतान कर किसानों के भरोसे को और मजबूत किया गया है।

साय ने कहा कि किसानों को शून्य ब्याज दर पर कृषि ऋण देने वाली ‘किसान क्रेडिट कार्ड योजना’ ने खेती को लाभकारी व्यवसाय में बदल दिया है। उन्होंने सिंचाई के क्षेत्र में बस्तर जैसे पिछड़े इलाकों में विशेष योजनाएं चलाने का जिक्र किया। बोधघाट परियोजना, महानदी और इंद्रावती नदी को जोड़ने वाली योजनाओं के जरिए बस्तर को सिंचित और समृद्ध बनाने का लक्ष्य है।

इसके अतिरिक्त, सरकार ने दलहन-तिलहन फसलों के लिए 10 हजार रुपये सहायता राशि और भूमिहीन कृषि मजदूरों के लिए भी समान राशि का प्रावधान किया है। मुख्यमंत्री ने मत्स्यपालन, दुग्ध उत्पादन और पशुपालन को सशक्त बनाने के लिए ‘दुधारू पशु वितरण योजना’ शुरू की गई है, जो नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के सहयोग से छह जिलों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू है।

साय ने पारंपरिक और पौष्टिक फसलों जैसे मिलेट्स, कोदो, कुटकी और रागी की खेती को बढ़ावा देने का संकल्प जताया, जिससे किसानों को बेहतर बाजार मूल्य मिलेगा।

कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सरकार लगातार किसानों को वित्तीय सहायता सीधे खाते में पहुंचा रही है। उन्होंने कहा कि गांवों में पक्की सड़कों के निर्माण और बिना ब्याज के कृषि ऋण उपलब्ध कराने जैसी योजनाएं किसानों की जीवनशैली में सुधार ला रही हैं।

कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री रामविचार नेताम ने बताया कि छत्तीसगढ़ में लगभग 25.47 लाख किसानों के खातों में 553 करोड़ 34 लाख रुपये हस्तांतरित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि “विकसित कृषि संकल्प अभियान” के तहत कृषि वैज्ञानिकों और अधिकारियों ने एक लाख से अधिक किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी दी है। इस अवसर पर लाभार्थियों को कृषि उपकरणों एवं योजनाओं के तहत अनुदान राशि के चेक भी प्रदान किए गए।

Deepak Mittal
Author: Deepak Mittal

Leave a Comment

Leave a Comment